भूस्खलन प्रभावित शीत्सांग के जिलोंग काउंटी में मदद के लिए चीनी बचाव दल तुरंत रवाना

10:30:00 2026-08-27
26 अगस्त 2026 को लगभग 10:30 बजे नेपाल की तरफ से हुए भीषण भूस्खलन के कारण चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर के जिलोंग काउंटी स्थित जिलोंग सीमा पोर्ट पर बड़े पैमाने पर जनहानि और लोग लापता होने की घटना सामने आई है। आपदा के तुरंत बाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एकीकृत समन्वय के अनुसार चीन ने तुरंत राहत बलों को तैनात करने की योजना बनाई, पेइचिंग, ल्हासा, चेंगदू, छोंगछिंग आदि स्थानों से भूविज्ञान, इंजीनियरिंग, बचाव के विशेषज्ञ और अनुभवी कर्मियों को बहुउद्देश्यीय जासूसी ड्रोन, त्रि-आयामी लेजर स्कैनर, जीवन संसूचक यंत्र, बड़े पैमाने के इंजीनियरिंग राहत उपकरणों के साथ प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना किया ताकि बचाव कार्य तेजी से चलाया जा सके। चीन का राष्ट्रीय बचाव दल भी तुरंत विमान में सवार होकर शीत्सांग की ओर रवाना हो गया है ताकि शिगात्से भूस्खलन राहत कार्यों में अतिरिक्त मदद पहुंचा सके।
26 अगस्त 2026 को लगभग 10:30 बजे नेपाल की तरफ से हुए भीषण भूस्खलन के कारण चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर के जिलोंग काउंटी स्थित जिलोंग सीमा पोर्ट पर बड़े पैमाने पर जनहानि और लोग लापता होने की घटना सामने आई है। आपदा के तुरंत बाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एकीकृत समन्वय के अनुसार चीन ने तुरंत राहत बलों को तैनात करने की योजना बनाई, पेइचिंग, ल्हासा, चेंगदू, छोंगछिंग आदि स्थानों से भूविज्ञान, इंजीनियरिंग, बचाव के विशेषज्ञ और अनुभवी कर्मियों को बहुउद्देश्यीय जासूसी ड्रोन, त्रि-आयामी लेजर स्कैनर, जीवन संसूचक यंत्र, बड़े पैमाने के इंजीनियरिंग राहत उपकरणों के साथ प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना किया ताकि बचाव कार्य तेजी से चलाया जा सके। चीन का राष्ट्रीय बचाव दल भी तुरंत विमान में सवार होकर शीत्सांग की ओर रवाना हो गया है ताकि शिगात्से भूस्खलन राहत कार्यों में अतिरिक्त मदद पहुंचा सके।
26 अगस्त 2026 को लगभग 10:30 बजे नेपाल की तरफ से हुए भीषण भूस्खलन के कारण चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर के जिलोंग काउंटी स्थित जिलोंग सीमा पोर्ट पर बड़े पैमाने पर जनहानि और लोग लापता होने की घटना सामने आई है। आपदा के तुरंत बाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एकीकृत समन्वय के अनुसार चीन ने तुरंत राहत बलों को तैनात करने की योजना बनाई, पेइचिंग, ल्हासा, चेंगदू, छोंगछिंग आदि स्थानों से भूविज्ञान, इंजीनियरिंग, बचाव के विशेषज्ञ और अनुभवी कर्मियों को बहुउद्देश्यीय जासूसी ड्रोन, त्रि-आयामी लेजर स्कैनर, जीवन संसूचक यंत्र, बड़े पैमाने के इंजीनियरिंग राहत उपकरणों के साथ प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना किया ताकि बचाव कार्य तेजी से चलाया जा सके। चीन का राष्ट्रीय बचाव दल भी तुरंत विमान में सवार होकर शीत्सांग की ओर रवाना हो गया है ताकि शिगात्से भूस्खलन राहत कार्यों में अतिरिक्त मदद पहुंचा सके।
26 अगस्त 2026 को लगभग 10:30 बजे नेपाल की तरफ से हुए भीषण भूस्खलन के कारण चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर के जिलोंग काउंटी स्थित जिलोंग सीमा पोर्ट पर बड़े पैमाने पर जनहानि और लोग लापता होने की घटना सामने आई है। आपदा के तुरंत बाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एकीकृत समन्वय के अनुसार चीन ने तुरंत राहत बलों को तैनात करने की योजना बनाई, पेइचिंग, ल्हासा, चेंगदू, छोंगछिंग आदि स्थानों से भूविज्ञान, इंजीनियरिंग, बचाव के विशेषज्ञ और अनुभवी कर्मियों को बहुउद्देश्यीय जासूसी ड्रोन, त्रि-आयामी लेजर स्कैनर, जीवन संसूचक यंत्र, बड़े पैमाने के इंजीनियरिंग राहत उपकरणों के साथ प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना किया ताकि बचाव कार्य तेजी से चलाया जा सके। चीन का राष्ट्रीय बचाव दल भी तुरंत विमान में सवार होकर शीत्सांग की ओर रवाना हो गया है ताकि शिगात्से भूस्खलन राहत कार्यों में अतिरिक्त मदद पहुंचा सके।