आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। देशों के बीच तनाव और व्यापार को लेकर खींचतान बढ़ रही है। कई देश अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए टैरिफ और सुरक्षा वाली नीतियाँ अपना रहे हैं, जिससे दुनिया का संतुलन बदल रहा है। ऐसे समय में एशिया एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रहा है। इसी में Boao Forum for Asia जैसे मंच अहम भूमिका निभाते हैं, जो देशों के बीच बातचीत और सहयोग को बढ़ाते हैं। भारत और चीन जैसे बड़े देशों की भूमिका यहां बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। इन्हीं मुद्दों पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं जेएनयू की प्रोफेसर और‘नेशन-स्टेट डायलॉग’की फाउंडर डॉ. गीता कोछड़।
इस मार्च के अंत में,चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित चीन विकास मंच 2026 में लगभग 100 बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नेता एकत्रित हुए, जो "पूर्व की ओर रुख" करने की वैश्विक प्रवृत्ति को जारी रखे हुए थे। चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग का यह कथन कि "चीन विश्व के लिए निश्चितता का आधारशिला और स्थिरता का गढ़ बनने के लिए प्रतिबद्ध है" इस प्रवृत्ति के पीछे का मूल कारण है।
जिस तरह स्विटजरलैंड के दावोस में हर साल विश्व आर्थिक फोरम की बैठक होती है, कुछ उसी तर्ज पर चीन के शहर बोआओ में हर साल एशिया के गैर सरकारी संगठनों की बैठक होती है, जिसे बोआओ फोरम फॉर एशिया कहा जाता है।
बोआओ एशिया मंच (Boao Forum for Asia, BFA) 24 से 27 मार्च, 2026 तक दक्षिण चीन के द्वीपीय प्रांत हाईनान के एक छोटे से कस्बे बोआओ में आयोजित होने वाला है।
चीन की दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर स्थित, 'विश्व की छत' शीत्सांग प्राचीन काल से ही चीन का अभिन्न और अविभाज्य अंग रहा है।
वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही हाईनान के पपीते के बागानों में भरपूर पैदावार हो रही है और मानकीकृत प्रसंस्करण संयंत्र पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं।
जब वैश्विक नेता, कॉर्पोरेट अधिकारी और शिक्षाविद मार्च के अंत में हैनान प्रांत के बोआओ के उष्णकटिबंधीय समुद्र तट पर पहुंचेंगे, तो उन्हें एक ऐसा परिदृश्य मिलेगा जिसे शाब्दिक और लाक्षणिक रूप से सावधानीपूर्वक नया रूप दिया गया है।
हाल के वर्षों में चीन के आर्थिक परिदृश्य में एक सुंदर बदलाव देखने को मिला है, जिसे 'फूल अर्थव्यवस्था' के नाम से जाना जाता है। यह सिर्फ बगीचों और गुलदस्तों का कारोबार नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है जो ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल रहा है। यह एक ऐसा मॉडल है, जहां खेती, तकनीक और पर्यटन का संगम गांवों की तस्वीर को पूरी तरह से पलट रहा है।
चीनी राजकीय सांख्यिकी ब्यूरो ने 16 मार्च को इस साल के पहले दो महीनों में चीनी आर्थिक विकास के मुख्य आंकड़े जारी किये ।उद्योग ,उपभोग ,निवेश और विदेश व्यापार के सूचकांक में स्पष्ट सुधार नजर आया है ,जिससे इस साल के वृद्धि लक्ष्य को पूरा करने के लिए बेहतर नींव रखी है ।