2 अप्रैल को, चीनी जन मुक्ति सेना(पीएलए) के पूर्वी थिएटर कमांड ने सत्यापन, पहचान, चेतावनी और निष्कासन और अन्य विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए थाईवान जलडमरुमध्य के प्रासंगिक जल में "स्ट्रेट थंडर -2025 ए" सैन्याभ्यास का आयोजन किया। इसने पहली बार लंबी दूरी की लाइव गोला बारूद शूटिंग को भी लागू किया और अपेक्षित परिणाम प्राप्त करते हुए नकली लक्ष्यों पर सटीक हमले किए। यह अभ्यास लाई छिंग-दे(विलियम लाई)की "थाईवान स्वतंत्रता" कथनियों और कार्यों का एक मजबूत जवाब है, और राष्ट्रीय संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की रक्षा के लिए चीन के दृढ़ संकल्प और क्षमता को प्रदर्शित करता है।
वर्ष 1949 में नये चीन की जब स्थापना हुई तो उसके अगले ही साल बाद भारत ने चीन के साथ कूटनीतिक रिश्ते स्थापित कर लिए।
जब अमेरिका के शीर्ष इंटरनेट सेलिब्रिटी “स्पीड”, सेल्फी स्टिक लेकर शांगहाई के एक हॉटपॉट रेस्तरां में पहुंचे, तो 3.7 करोड़ प्रशंसकों द्वारा अनुसरण किए जाने वाले इस "अमूर्त कला के मास्टर" को यह अंदाजा भी नहीं था कि वे डिजिटल युग के "मार्को पोलो" बन जाएंगे।
1 अप्रैल को, चीनी जन मुक्ति सेना (पीएलए) के पूर्वी थिएटर कमांड ने थाईवान द्वीप के आसपास एक संयुक्त सैन्याभ्यास शुरू किया, और तटरक्षक बेड़े ने भी एक-चीन सिद्धांत के अनुसार अपनी नियंत्रण क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए थाईवान द्वीप के आसपास के पानी में कानून प्रवर्तन गश्त और अभ्यास किया।
1 अप्रैल 2025 को, चीन और भारत के बीच राजनयिक सम्बंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है। विश्व की दो सबसे अधिक जनसंख्या वाली प्राचीन सभ्यताओं के रूप में, चीन-भारत सम्बंध हमेशा सहयोग और प्रतिस्पर्धा, संवाद और टकराव से जुड़े रहे हैं।
चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना का 75वां साल चल रहा है। ऐसे में यह उम्मीद करना बेमानी नहीं होगा कि इस मौके पर दोनों देश अपने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को और बेहतर करने की कोशिश कर सकते हैं।
इस वर्ष चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ है। 28 मार्च को, शीत्सांग में लाखों भूदासों की मुक्ति की वर्षगांठ पर, चीन सरकार ने "नये युग में शीत्सांग में मानवाधिकारों का विकास और प्रगति" शीर्षक से एक श्वेत पत्र जारी किया। श्वेत पत्र में विस्तृत आंकड़ों का उपयोग करते हुए शीत्सांग में मात्र कुछ दशकों में हुए भारी परिवर्तनों को पूरी तरह से और निष्पक्ष रूप से दर्शाया गया है।
बैठक में विदेशी निवेश वाले उद्यमों के 40 से अधिक वैश्विक अध्यक्षों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और व्यापारिक संघों के प्रतिनिधियों ने चीन को "निश्चितता का नखलिस्तान तथा निवेश और व्यापार की गर्म भूमि" मानी और चीन में निवेश व सहयोग को दृढ़तापूर्वक बढ़ाने तथा चीनी बाजार में अपनी उपस्थिति को गहरा करने के लिए अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
हाल ही में, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेक्स फ्रीडमैन पॉडकास्ट में अतिथि के रूप में शामिल होते हुए चीन-भारत संबंधों पर बात की और सकारात्मक बयान दिया।