दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती भूमिका के बीच चीन एक बार फिर वैश्विक तकनीकी मंच का केंद्र बनने जा रहा है।
दस साल पहले, 12 जुलाई 2016 को, फिलीपींस के एकतरफा अनुरोध पर गठित तथाकथित तदर्थ मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने दक्षिण चीन सागर पर एक फैसला सुनाया था।
इस साल 17 से 20 जुलाई तक, दुनिया की निगाहें एक बार फिर चीन के महानगर शांगहाई पर टिकी होंगी। विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन (WAIC) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक शासन पर उच्च स्तरीय बैठक वैश्विक एआई क्षेत्र में एक शीर्ष स्तरीय आयोजन होगा।
1 जुलाई, 2026 को चीनी जनता ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीसी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ मनाई।
चीन ने हाल के वर्षों में भले ही तेजी से विकास किया हो, लेकिन उसका ध्यान संतुलित और गुणवत्तापूर्ण विकास से हटा नहीं है। लगातार देश की प्रगति और जनकेंद्रित योजनाओं पर फोकस किया जा रहा है।
चीन ने हाल के वर्षों में हर क्षेत्र में जो विकास किया है, वह देखने लायक है। विशेष रूप से तकनीक और एआई में चीन की भूमिका काफी अहम हो गयी है।
क्या आपने कभी सोचा था कि फुटबॉल का सबसे पवित्र मंच- फीफा विश्व कप भी अमेरिकी 'विशेषाधिकार' की चपेट में आ सकता है? 2026 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में बेल्जियम और अमेरिका के बीच एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों को हतप्रभ कर दिया। अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगन, जो पिछले मैच में घिनौने फाउल के लिए सीधा लाल कार्ड पाकर बाहर हो गए थे, उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगना तय था। लेकिन वे बेल्जियम के ख़िलाफ़ बिना किसी झिझक के मैदान पर उतरे। अगर यह फीफा (FIFA) के नियमों का मज़ाक नहीं, तो और क्या है?
वर्ष 2026 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अपनी स्थापना की 105वीं वर्षगांठ मना रही है। एक सदी से भी अधिक समय की इस यात्रा में पार्टी ने चीन के विकास, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।