हाल ही में चीनी जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) और चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) के सफल समापन और पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपनाने से नए साल की एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है। अंतरराष्ट्रीय मत यह है कि एनपीसी और सीपीपीसीसी ने न केवल चीन की भविष्य की कार्ययोजना तैयार की है, बल्कि सभी देशों के बीच साझा समृद्धि के लिए एक रोडमैप भी बनाया है। चीन अगले पांच वर्षों में क्या करेगा? पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से चीन के सफल शासन का रहस्य क्या है? अगले पांच वर्षों में दुनिया किस प्रकार का चीन देखेगी?
पिछले कुछ वर्षों में शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश ने विकास और परिवर्तन की एक उल्लेखनीय यात्रा तय की है। कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के कारण पिछड़े माने जाने वाले इस क्षेत्र ने आज आर्थिक प्रगति, सामाजिक स्थिरता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
चीन की राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) और चीनी जन राजनीतिक परामर्श सम्मेलन (सीपीपीसीसी) के वार्षिक “दो सत्र” चीन के पूरी प्रक्रिया वाले लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करते हैं। राजधानी पेइचिंग में आयोजित इन बैठकों में एनपीसी और सीपीपीसीसी के लगभग पाँच हज़ार प्रतिनिधि और सदस्य एकत्रित होते हैं। ये प्रतिनिधि अपने साथ जमीनी स्तर से उठने वाली जनता की सशक्त आवाज़ें भी लेकर आते हैं। कुछ प्रतिनिधि विकास से जुड़ी चर्चाओं के लिए स्थानीय विशेषज्ञता साझा करते हैं, तो कई अन्य “जनभावनाओं की नोटबुक” के साथ व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करते हैं।
“भारत और चीन - दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय 'साझेदार' और खतरे के बजाय 'अवसर' के रूप में देखना चाहिए,” यह भारत-चीन संबंधों पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी द्वारा देश के 2026 “दो सत्रों” के मौके पर 8 मार्च को राजधानी पेइचिंग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दिया गया मुख्य संदेश था।
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने हाल ही में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के 14वें सत्र के चौथे पूर्णाधिवेशन में प्रस्तुत सरकारी कार्य-रिपोर्ट में मज़बूत घरेलू बाज़ार के निर्माण पर विशेष ज़ोर दिया। वर्ष 2026 के लिए केंद्रीय सरकार के प्रमुख कार्यों में इस लक्ष्य को पहले स्थान पर रखा गया है। इस विषय को जो महत्व दिया गया है, वह अभूतपूर्व माना जा रहा है और इसने देश-विदेश में व्यापक ध्यान आकर्षित किया है।
चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने हाल ही में 2025 के राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास पर अपनी आधिकारिक रिपोर्ट जारी की है।
साल 2026 में वैश्विक अनिश्चितता और भी गहरी हो गई है। लगातार बढ़ते संघर्षों और अस्थिरता ने युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को गंभीर चुनौती दी है। विश्व आर्थिक मंच और म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन जैसी प्रमुख बैठकों में दी गई चेतावनियों ने भविष्य को लेकर वैश्विक चिंताओं को और तीव्र कर दिया है। ऐसे समय में, चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस संवाद के माध्यम से यह संकेत स्पष्ट रूप से सामने आया कि उथल-पुथल भरी वैश्विक परिस्थितियों के बीच चीन स्वयं को स्थिरता और निश्चितता प्रदान करने वाली शक्ति के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
चीन में, ड्रोन को अक्सर "डिलीवरी ड्रोन", "कृषि ड्रोन", "बचाव ड्रोन" आदि से जोड़कर देखा जाता है, न कि "हमलावर ड्रोन" से। इसके पीछे एक गहरा सांस्कृतिक चुनाव है: तकनीक का उपयोग जीवन को सशक्त बनाने के लिए, न कि उसे समाप्त करने के लिए।
31 दिसंबर, 2025 को अपना 2026 नव वर्ष संबोधन देते हुए, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आर्थिक विकास में देश के आत्मविश्वास और वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को आवाज दी है।