चीन ने पिछले कई वर्षों से तकनीक के विकास में बहुत ध्यान दिया है, जिसके चलते वह विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बात स्पेस कंप्यूटिंग इंडस्ट्री की करें तो इसके विकास के लिए चीन में एक नीति बनाने पर काम हो रहा है।
चीन के सबसे बड़े और पुराने व्यापार मेले—139वें चीन आयात एवं निर्यात मेले (कैंटन फेयर) का आयोजन 15 अप्रैल से 5 मई तक क्वांगच्यो शहर में किया जाएगा।
वैश्विक व्यापार और उपभोक्ता बाजार को नई दिशा देने वाला 6वां चाइना इंटरनेशनल कंज्यूमर प्रोडक्ट्स एक्सपो चीन के हाईनान प्रांत की राजधानी हैकोउ में आज यानी 13 अप्रैल से 18 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है।
11 अप्रैल की सुबह, चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया, जिससे चीन के पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई।
आज की दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ आर्थिक अनिश्चितता, बदलते वैश्विक समीकरण और विकास की नई चुनौतियाँ देशों को अपने रास्ते पुनः परिभाषित करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इस परिदृश्य में चीन का विकास मॉडल केवल एक राष्ट्रीय सफलता की कहानी नहीं, बल्कि एक वैश्विक अध्ययन का विषय बन चुका है, विशेष रूप से उन देशों के लिए जो तेज़, समावेशी और टिकाऊ विकास की तलाश में हैं।
हाल ही में, जापानी सरकार ने "रक्षा उपकरणों के हस्तांतरण पर तीन सिद्धांतों" में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिससे हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में व्यापक ढील दी जाएगी, यानी गैर-लड़ाकू उद्देश्यों के लिए हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे, घातक हथियारों के निर्यात की अनुमति दी जाएगी, संघर्ष प्रभावित राज्यों द्वारा निर्यात के लिए अपवाद रखे जाएंगे, और संसदीय समीक्षा अधिकार को कमजोर किया जाएगा। यह जापान द्वारा अपने "शांति संविधान" का उल्लंघन करने और "पुनः सैन्यीकरण" को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया एक खतरनाक कदम है, जो एक नए प्रकार के सैन्यवाद को उजागर करता है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक वास्तविक खतरा पैदा करता है।
28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इज़राइल द्वारा स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र ईरान पर एक बड़े और समन्वित सैन्य हमले के बाद से 6 हफ़्तों से ज़्यादा का समय बीत चुका है।
मध्य पूर्व एक बार फिर गहरे तनाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती टकराहट, क्षेत्रीय संघर्षों के फैलने का खतरा, और कई देशों की प्रत्यक्ष या परोक्ष भागीदारी ने स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
चीन की ऊर्जा यात्रा लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रही है। राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन (NEA) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2025 की पहली छमाही के अंत तक चीन की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 3.61 बिलियन किलोवाट तक पहुँच गई।