ब्रिक्स देशों के नेताओं का 18वां शिखर सम्मेलन हाल ही में भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सम्मेलन में भाग लिया और एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स देशों से 'चार अग्रणी' बनने का आह्वान किया, साथ ही वैश्विक दक्षिण की ताकत को मजबूत करने के लिए चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, और ब्रिक्स सहयोग को गहरा करने के लिए पांच पहलें प्रस्तुत कीं। यह 'बृहत् ब्रिक्स सहयोग' के उच्च गुणवत्ता वाले विकास का नेतृत्व करने की चीन की जिम्मेदारी को दर्शाता है। चीनी राष्ट्रपति शी ने यह भी घोषणा की कि चीन अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और ब्रिक्स देशों के नेताओं का 19वां शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा, जिससे भाग लेने वाले सभी देशों में व्यापक उत्साह पैदा हुआ।
चीन में एक भारतीय पत्रकार के रूप में भारत-चीन सम्बंधों और बदलती विश्व व्यवस्था को देखते हुए ब्रिक्स का विस्तार एक दिलचस्प सवाल खड़ा करता है,- क्या यह मंच केवल उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, या भारत और चीन जैसे देशों के लिए वैश्विक दक्षिण की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करने का अवसर भी है?
13 सितंबर 2026 को 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह ब्रिक्स ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में अपने 18वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का समापन किया।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। सात साल में यह शी की पहली भारत यात्रा थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के साथ-साथ ग्लोबल साउथ (वैश्विक दक्षिण) के देशों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती प्रदान करेगी। चीन ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन का पूरा समर्थन किया। दोनों नेताओं ने सीमा मुद्दों सहित विभिन्न मतभेदों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से हल करने पर सहमति जताई। यह मुलाकात बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और एकपक्षवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, जिससे वैश्विक चुनौतियों से निपटने में नई ऊर्जा मिलेगी।
2026 चीन अंतर्राष्ट्रीय सेवा व्यापार मेला हाल ही में पेइचिंग में संपन्न हुआ। 90 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने प्रदर्शनी लगाई, 400 से अधिक फॉर्च्यून 500 और उद्योग की अग्रणी कंपनियों ने भाग लिया, और 1200 से अधिक परिणाम हासिल किए गए। GE हेल्थकेयर के चीन-निर्मित उच्च-स्तरीय इमेजिंग उपकरणों से लेकर श्नाइडर इलेक्ट्रिक की वन-स्टॉप सेवा नवाचार और KPMG के डिजिटल समाधानों तक, "चीन सेवा व्यापार" उन्नयन और गुणवत्ता सुधार के नए रुख के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है।
भारत में आयोजित 18वां ब्रिक्स सम्मेलन सफलता से संपन्न हो गया है,जिसमें कई देशों के राष्ट्र प्रमुखों और नेताओं ने शिरकत की। जो ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग और तालमेल का भी प्रतीक रहा। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश-दुनिया की मीडिया की नजर रही। इन तीनों नेताओं को एक मंच और एक साथ देखना सुखद रहा, इससे ग्लोबल साउथ की बढ़ती ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस व सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदि की मौजूदगी से ब्रिक्स देशों के बीच एकजुटता नजर आयी। जबकि संयुक्त घोषणा पत्र ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, राष्ट्रपति शी चिनफिंग आज शनिवार, 12 सितंबर को सुबह नई दिल्ली पहुंचे, जो 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भागीदारी को वैश्विक दक्षिण के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को जब ब्रिक्स देशों के नेता 18वें शिखर सम्मेलन के लिए जुटेंगे, तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होगा कि पिछले 20 वर्षों में यह समूह कितना बड़ा हो गया है।