शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) का 2025 का शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक उत्तरी चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित होने वाला है। चीन 5वीं बार इस शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है, और यह संगठन की स्थापना के बाद से अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है। इस सम्मेलन में 20 से ज़्यादा देशों के नेता और 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का एजेंडा काफी महत्वपूर्ण है। सदस्य देश सुरक्षा, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए साझा रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद जैसे खतरों से निपटने के उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पर और ज्यादा चर्चा करने के लिए हमारे साथ जुड़ गये हैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, जो देशबंधु कॉलेज में 'ग्लोबल पॉलिटिक्स' पढ़ाते हैं, साथ ही उनकी अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर विशेष पकड़ भी है।
चीन का राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस 15 अगस्त है। इस दिन को जागरूकता बढ़ाने और पारिस्थितिकीय पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाने के उद्देश्य से घोषित किया था।
शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन 2025, चीन के थ्येनचिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होने जा रहा है।
चीनी शैली के आधुनिकीकरण निर्माण में राष्ट्रीय उद्यानों को मुख्य निकाय के रूप में रखते हुए प्राकृतिक आरक्षित प्रणाली के निर्माण के लिए नई आवश्यकताएं सामने रखी गई हैं।
चीन ने हाल ही में आयोजित "2025 चीन-शांगहाई सहयोग संगठन कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग मंच" ने "चीन-एससीओ राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोग सहयोग केंद्र निर्माण योजना" जारी की
भारत के खिलाफ अमरेकी टैरिफ युद्ध को लेकर नई दिल्ली में चीन के राजदूत शू फेइहोंग द्वारा भारत का खुला समर्थन एक तरह से अमेरिका को कड़ा जवाब है।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 31 अगस्त से 1 सितंबर तक उत्तरी चीन के थ्येनचिन शहर में होने वाले शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की आगामी यात्रा, द्विपक्षीय सम्बंधों में नई गति का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। यह यात्रा, जो पिछले सात वर्षों में उनकी पहली चीन यात्रा होगी, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता का मंच भी तैयार करेगी। यह उच्च-स्तरीय जुड़ाव एक जटिल वैश्विक परिदृश्य में दोनों पक्षों की साझा हितों को प्राप्त करने की सामूहिक इच्छा को रेखांकित करता है।
अमेरिकी टैरिफ युद्ध के दौर में भारत और चीन ने समझ लिया है कि साथ मिलकर ही नई वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
31 अगस्त से एक सितंबर के बीच चीन के थ्येनचिन शहर में होने जा रहे शांगहाई सहयोग संगठन यानी एससीओ की शिखर बैठक को लेकर ना सिर्फ भारत में उत्सुकता है, बल्कि चीन में भी इसे लेकर उत्साहजनक स्थिति देखने को मिल रही है।