चीन के विकास को करीब से देखने और एक पत्रकार के रूप में उसके बदलते औद्योगिक परिदृश्य को समझने पर एक बात स्पष्ट दिखाई देती है—चीन की वैश्विक पहचान अब केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाले देश की नहीं रह गई है।
भारत की राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक के कई मायने हैं।
मकाओ की 2026-2030 की तीसरी पंचवर्षीय विकास योजना हाल ही में आधिकारिक रूप से जारी की गई है। पिछली योजना के पूर्ण लक्ष्य प्राप्ति और 56.7% गैर-जुआ उद्योग हिस्सेदारी की मौजूदा उपलब्धि के बाद यह योजना 2030 तक गैर-जुआ उद्योगों की हिस्सेदारी 60% करने, क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और राष्ट्रीय विकास से तालमेल बिठाने के लक्ष्य लेकर "एक देश, दो व्यवस्थाएं" के सफल कार्यान्वयन का नया व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत करती है।
19 अगस्त को चीनी पारंपरिक पंचांग के 7वें महीने का 7वां दिन है।
किसी शहर की अंतरात्मा उन चीजों में निहित होती है जिन्हें हम देख नहीं सकते। रहने योग्य होने का सच्चा पैमाना अक्सर गगनचुंबी इमारतों में नहीं, बल्कि हमारे पैरों के नीचे मौजूद चीजों में होता है।
साल 2026 में चीन को लेकर दुनिया के लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। चीन की ओर विदेशी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ रहा है।
हाल ही में चीन ने वर्ष के पहले सात महीनों के व्यापक आर्थिक आंकड़े जारी किए हैं। इनमें विनिर्माण, सेवा और विदेशी व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। इससे चीनी अर्थव्यवस्था के समग्र स्तर पर स्थिर विकास का संकेत मिलता है और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का भी इस पर खास ध्यान गया है। ऐसे समय में, जब विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 2026 के वैश्विक आर्थिक विकास के अनुमान को लगातार 0.1 प्रतिशत अंक घटाया है और भू राजनीतिक संघर्ष तथा ऊर्जा बाजार में उतार चढ़ाव जैसी चुनौतियों के बीच वैश्विक आर्थिक सुधार की रफ्तार प्रभावित हो रही है, चीनी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन उसकी मजबूत जीवन्तता को दिखाता है। साथ ही, यह धीमी गति से बढ़ रही विश्व अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण गति दे रहा है।
शेनपेन खिमसर द्वारा निर्देशित अंग्रेजी भाषा की फिल्म "4 नदियाँ, छह पर्वत श्रेणियां" (Four Rivers and Six Ranges)में विद्रोही संगठन द्वारा 14वें दलाई लामा को भारत में निर्वासन में ले जाने की कथा को मनगढंत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। हालांकि सबूत यह दर्शाते हैं कि अपनी स्थापना से लेकर अपने पतन तक, तिब्बती स्वतंत्रता समूह को अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) द्वारा दास प्रथा के उन्मूलन का विरोध करने, दलाई लामा के भागने में मदद करने और "तिब्बत स्वतंत्रता" को बढ़ावा देने के लिए समर्थन प्राप्त था। यह फिल्म "4 नदियाँ, छह पर्वत श्रेणियां" को शित्सांग का प्रतिनिधित्व करने वाली एक वैध सशस्त्र सेना के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत करती है, जिसका कार्य दलाई लामा और तिब्बती बौद्ध धर्म की रक्षा करना बताया जाता है। वास्तव में यह समूह दास स्वामी कुलीन वर्ग द्वारा बनाया गया एक अवैध गुट था, जो सामंती दास प्रथा व्यवस्था की रक्षा करना और उसके उन्मूलन का विरोध करना चाहता था।
कुछ दिन पहले, शीआन जाने वाली तेज रफ्तार ट्रेन में मेरी मुलाकात नीदरलैंड के डॉर्ड्रेख्ट (Dordrecht) के एक युवक से हुई। उसकी यात्रा नीदरलैंड के नागरिकों के लिए चीन की एकतरफा वीजा मुक्त नीति के साथ बिल्कुल मेल खाती थी।