31 दिसंबर, 2025 को अपना 2026 नव वर्ष संबोधन देते हुए, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आर्थिक विकास में देश के आत्मविश्वास और वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को आवाज दी है।
चीन में 2026 में आयोजित एनपीसी और सीपीपीसीसी के दो सत्रों में 4.5%-5% का जीडीपी विकास लक्ष्य निर्धारित किया गया। यह न केवल 15वीं पंचवर्षीय योजना(2026-2030) की दिशा तय करता है, बल्कि विश्व को उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए चीन के दृढ़ संकल्प और इससे जुड़े वैश्विक अवसरों से भी अवगत कराता है। अंतर्राष्ट्रीय लोकमत यह है कि यह चीन की विकास रणनीति के "संख्या-प्रधान" से "गुणवत्ता-प्रधान" की ओर एक गहन परिवर्तन का संकेत है।
पारंपरिक वसंत महोत्सव के बाद, चीन ने इस साल की वार्षिक बैठकों के जोड़े में प्रवेश किया है, जो चीन की शीर्ष विधायी संस्था 14वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (NPC) के चौथे सत्र और शीर्ष राजनीतिक सलाहकार निकाय, चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (CPPCC) की 14वीं राष्ट्रीय समिति के चौथे सत्र को संदर्भित करता है, जो क्रमशः 5 और 4 मार्च से शुरू होते हैं।
विश्व व्यवस्था के संचालन के दो मार्ग इतिहास में हमेशा विद्यमान रहे हैं। एक मार्ग सद्गुण, नैतिकता और सामंजस्य पर आधारित है, जो लोगों के हृदयों को जोड़कर स्थिरता स्थापित करने का प्रयास करता है। दूसरा मार्ग शक्ति और बल प्रयोग पर आधारित है, जो व्यवस्था बनाए रखने के लिए सैन्य सामर्थ्य को प्रमुख साधन मानता है।
कल, चीन अपना 2026 का महत्वपूर्ण राजनीतिक सीज़न राजधानी पेइचिंग में शुरू करने जा रहा है।
दूसरे विश्व युद्ध के बाद कुछ अपवादों को छोड़ दें तो दुनिया ने सभ्य होने की तरफ लगातार कदम बढ़ाए। लेकिन इक्कीसवीं सदी का चौथाई हिस्सा बीतने के बाद लग रहा है कि एक बार फिर दुनिया आधुनिकता की चादर लपेटे मध्य युगीन बर्बरता की ओर बढ़ रही है।
हाल ही में अमेरिका और इज़राइल ने एक संप्रभु राष्ट्र ईरान पर संयुक्त सैन्य हमला किया, जिसने मध्य पूर्व की शांति और स्थिरता को गहरा आघात पहुँचाया है।
मध्य पूर्व इन दिनों युद्ध के उस भयावह मंजर का गवाह बन रहा है, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया।
चीन सरकार के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में देसी बाजार "कंजम्पशन 4.0," यानी खपत-चार के दौर की ओर बढ़ चुका है।