पेइचिंग में आयोजित होने वाला APEC चीन CEO फोरम ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है।
चीन में निवेश करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अगला कदम नवाचार, सतत् विकास, गहन सहयोग और साझा समृद्धि में निहित है।
एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन यानी APEC दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक मंचों में से एक है। वर्ष 2026 में चीन इसकी मेजबानी कर रहा है। यह चीन की तीसरी मेजबानी है।
इस सप्ताह चीन में ड्रैगन बोट फेस्टिवल, जिसे तुआन वू चिए (Duan Wu jie) त्योहार भी कहा जाता है, मनाया जा रहा है।
चीनी नागरिकों का जीवन खुशहाल हो रहा है, पिछले कुछ दशकों में करोड़ों लोगों को गरीबी के चंगुल से मुक्त कराया गया है। लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं।
चीन में 15वीं पंचवर्षीय योजना के पहले पांच महीनों के आर्थिक आंकड़े हाल ही में जारी किए गए हैं। उद्योग, उपभोग और विदेशी व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि चीन की अर्थव्यवस्था स्थिर और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं और चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में चीन का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन न केवल उसकी आंतरिक क्षमता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक आर्थिक विकास को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। चीन की इस प्रगति को तीन प्रमुख शब्दों के माध्यम से समझा जा सकता है: स्थिरता, नवाचार और लचीलापन।
हर साल जून में, चीन युवाओं का एक अनूठा नज़ारा पेश करता है: माध्यमिक और उच्च विद्यालय के लिए राष्ट्रीय एकीकृत प्रवेश परीक्षाएं एक के बाद एक जल्दी समाप्त हो जाती हैं, और उच्च विद्यालय और विश्वविद्यालय एक साथ स्नातक समारोह की शुरुआत करते हैं।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) अपनी स्थापना की 105वीं वर्षगांठ मना रही है। पार्टी का यह सफर केवल एक राजनीतिक इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता से लेकर आधुनिकीकरण तक की एक अभूतपूर्व यात्रा है।
33वीं एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) आर्थिक नेताओं की बैठक 18 से 19 नवंबर 2026 तक चीन के क्वांग तुंग प्रांत के शनचन शहर में आयोजित होगी, जिसमें 21 एपेक सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल होंगे।