विश्व व्यवस्था के संचालन के दो मार्ग इतिहास में हमेशा विद्यमान रहे हैं। एक मार्ग सद्गुण, नैतिकता और सामंजस्य पर आधारित है, जो लोगों के हृदयों को जोड़कर स्थिरता स्थापित करने का प्रयास करता है। दूसरा मार्ग शक्ति और बल प्रयोग पर आधारित है, जो व्यवस्था बनाए रखने के लिए सैन्य सामर्थ्य को प्रमुख साधन मानता है।
कल, चीन अपना 2026 का महत्वपूर्ण राजनीतिक सीज़न राजधानी पेइचिंग में शुरू करने जा रहा है।
दूसरे विश्व युद्ध के बाद कुछ अपवादों को छोड़ दें तो दुनिया ने सभ्य होने की तरफ लगातार कदम बढ़ाए। लेकिन इक्कीसवीं सदी का चौथाई हिस्सा बीतने के बाद लग रहा है कि एक बार फिर दुनिया आधुनिकता की चादर लपेटे मध्य युगीन बर्बरता की ओर बढ़ रही है।
हाल ही में अमेरिका और इज़राइल ने एक संप्रभु राष्ट्र ईरान पर संयुक्त सैन्य हमला किया, जिसने मध्य पूर्व की शांति और स्थिरता को गहरा आघात पहुँचाया है।
मध्य पूर्व इन दिनों युद्ध के उस भयावह मंजर का गवाह बन रहा है, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया।
चीन सरकार के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में देसी बाजार "कंजम्पशन 4.0," यानी खपत-चार के दौर की ओर बढ़ चुका है।
इस वर्ष, चीनी नव वर्ष 17 फरवरी को आरंभ हुआ, जो घोड़े के वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। 15-दिवसीय चीनी नव वर्ष समारोह का अंतिम दिन - “लैन्टर्न फेस्टिवल, या “युआन जिओ जी”, जो चीनी चंद्र कैलेंडर के पहले महीने के पंद्रहवें दिन पड़ता है
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने हाल ही में 20 जापानी कंपनियों को अपनी निर्यात नियंत्रण सूची में शामिल किया है। यह जापान के "पुनः सैन्यीकरण" के विरुद्ध एक और सटीक जवाबी कार्रवाई है, जो पिछले महीने दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण को कड़ा करने के बाद की गई है। यह कदम वैध और कानूनी है, जिसका उद्देश्य जापान के सैन्य विस्तार और परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाना, क्षेत्रीय और विश्व शांति बनाए रखना है, और यह वैश्विक हित में है।
"अश्व वर्ष में हम शक्ति और उत्साह से परिपूर्ण होकर अग्रणी बनें। यह वर्ष जर्मन-चीन सहयोग और विकास का वर्ष हो।" 26 फरवरी को, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने सोशल मीडिया पर अपने उस दिन के फॉरबिडन सिटी दौरे के दौरान अपनी शुभकामनाओं को साझा किया। चीन का दौरा करने वाले यूरोपीय राजनीतिक नेताओं की हालिया लहर के नवीनतम सदस्य के रूप में, मर्ज़ ने पेइचिंग और हांगचोउ में दो सार्थक दिन बिताए, जिससे फलदायी परिणाम प्राप्त हुए और चीन और जर्मनी के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक नया अध्याय खुला।