1949 में नए चीन की स्थापना के बाद से चीनी नेताओं की कई पीढ़ियों ने “पूरी लगन से लोगों की सेवा करने” के लिए अथक प्रयास किए हैं। यह आदर्श सीपीसी के शासन के हर कदम में झलकता है।
हाल के दिनों में भारत में नीट पेपर लीक और सीबीएसई बोर्ड में हुई गड़बड़ी के बीच चीन में भी एक बड़ी देशव्यापी परीक्षा का आयोजन हुआ है।हालांकि भारत के उलट चीनी कॉलेज एंट्रेस एग्जाम यानी ‘काओ खाओ’ 7-8 जून को सुरक्षा इंतजामों के साथ सफलता से संपन्न हुआ।
क्या आपने कभी कल्पना की है कि आने वाले 10 या 15 साल बाद हमारी दुनिया कैसी होगी? क्या रोबोट इंसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे? क्या सड़क पर दौड़ती कारों में ड्राइवर नहीं होंगे? और क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यानी एआई, हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन जाएगा? इन सवालों के जवाब अब केवल फिल्मों या किताबों तक सीमित नहीं रह गए हैं। चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित वर्ल्ड इंटेलिजेंस एक्सपो 2026 में भविष्य की यही तस्वीर हकीकत बनकर सामने दिखाई दी।
हाल ही में एक युवा चीनी कलाकार ने विदेशों में जबरदस्त चर्चा बटोरी है। 2 जून को प्रसारित लोकप्रिय शो “अमेरिकाज़ गॉट टैलेंट” के एक एपिसोड में, चीन के सछ्वान प्रांत के 26 वर्षीय युवक वू युफेई ने आठ स्वदेशी मानवाकार रोबोटों के साथ लेडी गागा के चर्चित गीत “अब्रैकडाब्रा” पर बेहद कठिन रोबोटिक नृत्य प्रस्तुत किया। प्रदर्शन समाप्त होते ही पूरा सभागार तालियों और जयकारों से गूंज उठा। शो के चारों जजों ने सर्वसम्मति से उन्हें अगले दौर के लिए चुन लिया।
मानव इतिहास में गरीबी उन्मूलन हमेशा से सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रही है।
दुनिया की छत कहे जाने वाले हिमालय की गोद में बसा शीत्सांग, 23 मई को अपने शांतिपूर्ण मुक्ति की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है।
23वां शांगरीला संवाद हाल ही में सिंगापुर में संपन्न हुआ। सम्मेलन के अंदर और बाहर की घटनाओं में स्पष्ट अंतर ने सम्मेलन की दिशा में आए बदलाव को उजागर किया: चीन की आवाज़ बुलंद हुई, उसके शांतिप्रिय रुख को व्यापक मान्यता मिली, और विघटनकारी एवं उत्तेजक आवाज़ों की व्यापक आलोचना हुई।
हाल ही में, वियतनामी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव और राष्ट्रपति टो लैम ने चीन की यात्रा की और दो बार चीन की फुशिंग हाई-स्पीड रेल से यात्रा करना चुना।
11 से 15 अप्रैल तक, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने चार वर्षों में चौथी बार चीन का दौरा किया। लगातार हो रही इन यात्राओं के पीछे “रणनीतिक संकल्प” एक केंद्रीय विचार के रूप में उभरा है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने श्याओमी के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का अनुभव किया,इलेक्ट्रिक वाहनों का परीक्षण किया और छिंगहुआ विश्वविद्यालय में चीन-यूरोप सहयोग पर जोर देते हुए भाषण दिया। साथ ही, व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि और खाद्य क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। स्पेनिश मीडिया के अनुसार, इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच “रचनात्मक संवाद और व्यावहारिक सहयोग” को और मजबूत किया है।