चीन में चीनी चाइव्स फूलों की कटाई का मौसम, बढ़ी किसानों की आमदनी

पूर्वी चीन के च्यांगसू प्रांत के लियानयुन्कांग शहर की क्वानयून काउंटी में इन दिनों चीनी चाइव्स (एक प्रकार की हरी पत्तेदार जड़ी बूटी) के फूलों की कटाई का काम तेजी से चल रहा है। खेतों में किसान सुबह से शाम तक व्यस्त नज़र आ रहे हैं। इन फूलों का इस्तेमाल आगे चलकर चाइव्स फ्लावर सॉस और बीजों से बनी विशेष शराब तैयार करने में किया जाता है। हालांकि चीनी चाइव्स के फूलों की फसल आकार में छोटी होती है, लेकिन इसका स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण उद्योगों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान है। इस छोटी सी कृषि उपज ने गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।

30-Jul-2026
रात होते ही रोशनी में नहा उठता है थांगमो का सदियों पुराना गाँव

रात ढलते ही मध्य चीन के अनहुई प्रांत के ह्वांगशान शहर में बसे थांगमो प्राचीन गाँव की गलियाँ एक जीवंत सांस्कृतिक मंच का रूप ले लेती हैं। रंग बिरंगी मछली लालटेनें जगमगाने लगती हैं, ड्रैगन परेड सड़कों पर उमड़ पड़ती है और पारंपरिक लोक नृत्यों की धुनें गूंजने लगती हैं। इन सबकी वजह से इस ऐतिहासिक गाँव में मानो नई जान आ जाती है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को ह्वेइचोउ की सदियों पुरानी परंपराओं को बेहद करीब से देखने और महसूस करने का मौका मिलता है। इतना ही नहीं, यह गाँव अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को स्थानीय होमस्टे, पारंपरिक व्यंजनों और रचनात्मक उत्पादों से जोड़कर ग्रामीण विकास को भी नई रफ़्तार दे रहा है। यही वजह है कि थांगमो गाँव आज इस बात की एक जीती जागती मिसाल बन चुका है कि कैसे पुरानी परंपराएँ आधुनिक दौर में भी विकास की नई राह दिखा सकती हैं।

29-Jul-2026
ऑर्डोस में चल रहा है दुनिया का इकलौता 10 लाख टन क्षमता का कोयला-से-तेल संयंत्र

उत्तरी चीन के इनर मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश के ऑर्डोस शहर में दुनिया का एकमात्र ऐसा कोयला-से-तेल संयंत्र चल रहा है, जिसकी क्षमता 10 लाख टन है। नीले आसमान के नीचे चलने वाला यह संयंत्र कोयले को स्वच्छ ईंधन में बदलता है, जिससे तेल का आयात कम होता है और ऊर्जा आपूर्ति भी सुरक्षित रहती है। इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि यहां शून्य-अपशिष्ट तरीके से काम होता है। यहां इस्तेमाल किए गए पानी की एक-एक बूंद रिसाइकल की जाती है, और कार्बन कैप्चर तकनीक की मदद से उत्सर्जन को भी कम रखा जाता है। इस संयंत्र को हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

28-Jul-2026
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