शी चिनफिंग का बुनियादी अनुसंधान मजबूत करने पर लेख 'छ्यूशी' पत्रिका में प्रकाशित होगा
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग का बुनियादी अनुसंधान को मजबूत करने पर एक लेख बुधवार, 16 सितंबर को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति की प्रमुख पत्रिका ‘छ्यूशी जर्नल’ के इस साल के 18वें अंक में प्रकाशित किया जाएगा। लेख में जोर दिया गया है कि बुनियादी अनुसंधान पूरी वैज्ञानिक व्यवस्था का आधार और तकनीकी समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण स्रोत है। साथ ही, यह वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा का अहम मोर्चा भी है। किसी देश की वैज्ञानिक और तकनीकी ताकत को मापने का एक महत्वपूर्ण पैमाना उसके बुनियादी अनुसंधान का स्तर है। लेख के मुताबिक, अगर चीन को दुनिया में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की अग्रणी शक्ति बनना है, तो बुनियादी अनुसंधान के स्तर को लगातार ऊपर उठाना होगा।

15-Sep-2026

टिप्पणी

'ग्रेटर ब्रिक्स सहयोग' ग्लोबल साउथ की एकता और आत्म-सशक्तिकरण का नेतृत्व करता है

ब्रिक्स देशों के नेताओं का 18वां शिखर सम्मेलन हाल ही में भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सम्मेलन में भाग लिया और एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स देशों से 'चार अग्रणी' बनने का आह्वान किया, साथ ही वैश्विक दक्षिण की ताकत को मजबूत करने के लिए चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, और ब्रिक्स सहयोग को गहरा करने के लिए पांच पहलें प्रस्तुत कीं। यह 'बृहत् ब्रिक्स सहयोग' के उच्च गुणवत्ता वाले विकास का नेतृत्व करने की चीन की जिम्मेदारी को दर्शाता है। चीनी राष्ट्रपति शी ने यह भी घोषणा की कि चीन अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और ब्रिक्स देशों के नेताओं का 19वां शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा, जिससे भाग लेने वाले सभी देशों में व्यापक उत्साह पैदा हुआ।

15-Sep-2026
छोंगछिंग में ड्राइवरलेस 'क्लाउड बस' शहरी परिवहन को नई दिशा दे रही है

छोंगछिंग में ड्राइवरलेस 'क्लाउड बस' शहरी परिवहन को नई दिशा दे रही है

13 सितंबर 2026 को चीन के छोंगछिंग के बीशान जिले में एक ड्राइवरलेस 'क्लाउड बस' (युनबा) एलिवेटेड ट्रैक पर सुचारू रूप से चलती हुई देखी गई। बीशान जिले की 'क्लाउड बस' प्रदर्शन लाइन कुल 15.4 किलोमीटर लंबी है और इसमें 15 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह छोटी क्षमता वाली रेल प्रणाली पूरी तरह से स्वचालित संचालन, स्मार्ट रखरखाव और ड्राइवरलेस तकनीक से लैस है, जो शहरी छोटी दूरी की यात्रा और सूक्ष्म-परिसंचरण की समस्याओं का प्रभावी समाधान करती है। छोंगछिंग ने दुनिया का सबसे बड़ा पहाड़ी शहरी रेल नेटवर्क तैयार किया है। अब तक, इसका परिचालन मार्ग 592.2 किलोमीटर है, और रेल परिवहन सार्वजनिक यातायात का 57% हिस्सा वहन करता है। पहली छमाही में कुल यात्री संख्या 70 करोड़ से अधिक रही।
15-Sep-2026
20 साल पहले जापान-जर्मनी का राज था, आज ये शहर भारत का नंबर-1 पार्टनर बन गया!

क्या आपको पता है... जब भारत में ऊँची-ऊँची इमारतें बनती हैं... जब गाड़ियों के इंजन तैयार होते हैं... जब नए प्रोजेक्ट्स की नींव पड़ती है... तो उसमें एक छोटा सा हिस्सा होता है — चांग्शा नाम के शहर का! ये चीन का वो शहर है जो भारत के लिए: ·हाई-टेक क्रेन मशीनें बनाता है — जिनसे हमारी बिल्डिंग्स आसमान छू रही हैं ·प्रिसिज़न इंजन पार्ट्स सप्लाई करता है — जो हमारी गाड़ियों को ताकत देते हैं ·भारतीय छात्रों को दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में पढ़ाता है — स्कॉलरशिप के साथ! और सबसे दिलचस्प बात? 20 साल पहले: भारत में सिर्फ जापान और जर्मनी की मशीनें चलती थीं आज: उसी मार्केट में 70-80% मशीनें चांग्शा से जा रही हैं! यानी जब आप किसी नई बिल्डिंग को बनते देखते हैं... या किसी नई कार को लॉन्च होते देखते हैं... तो उसमें चांग्शा की मेहनत छिपी होती है! इस वीडियो में हम आपको ले चल रहे हैं चांग्शा के अंदर — जहाँ से भारत की तरक्की को पावर मिलती है!

14-Sep-2026