चीन खुले व स्थिर बहुपक्षीय व्यापार तंत्र के लिए प्रतिबद्ध: चीनी उप प्रधानमंत्री
चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफ़ेंग ने मंगलवार शाम को देश की राजधानी पेइचिंग में विश्व व्यापार संगठन यानी डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला से भेंट की। इसके अवसर पर हे लिफ़ेंग ने कहा कि चीन विश्व व्यापार संगठन के कोर वाली बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का दृढ़ता से समर्थन करता है और एकतरफावाद व संरक्षणवाद का विरोध करता है। चीन विश्व व्यापार संगठन के सुधार में सक्रिय भाग लेगा, व्यापार और निवेश के उदारीकरण और सुविधाजनकीकरण को लगातार बढ़ावा देगा, और सभी पक्षों के साथ मिलकर एक खुले, स्थिर और अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वातावरण को बनाए रखेगा।

10-Dec-2025

टिप्पणी

चीनी अर्थव्यवस्था विशालकाय जहाज़ की तरह तूफ़ानों को चीरते हुए  बढ़ रही है आगे

छिंगदाओ बंदरगाह का माल यातायात 15 दिन पहले ही 70 करोड़ टन पार कर गया, स्वचालित बंदरगाह दक्षता के 13 रिकॉर्ड टूट गए हैं। यह चीन के विदेशी व्यापार के लचीलेपन की जीवंत मिसाल है। पिछले 11 महीनों में, चीन के वस्तु व्यापार का आयात-निर्यात मूल्य 41.21 खरब चीनी युआन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 3.6% ज्यादा है। नवंबर में वृद्धि दर 4.1% रही, जो लगातार 10वें महीने सकारात्मक वृद्धि दर्शाती है। चीन में विदेशी व्यापार एवं अर्थशास्त्र विश्वविद्यालय (UIBE) के प्रोफेसर ल्यू युए के अनुसार, वैश्विक सुस्त रिकवरी के बीच चीन के विदेशी व्यापार में संरचनात्मक अनुकूलन और नई गतिशीलता का उभार उसके शक्तिशाली लचीलेपन को दर्शाता है।

09-Dec-2025
एक बदलती दुनिया और दो एशियाई दिग्गज

आज दुनिया एक नए चौराहे पर खड़ी है, जहाँ एशिया की भूमिका बढ़ रही है। चीन और भारत— एशिया के ये दो दिग्गज — दुनिया के भविष्य को आकार देने की क्षमता रखते हैं। दोनों देशों के विकास के रास्ते अलग हैं: चीन लंबी योजनाओं और स्थिरता पर जोर देता है, जबकि भारत अपनी लोकतांत्रिक विविधता और खुले संवाद की ताकत से आगे बढ़ता है। व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के बीच मतभेदों के बावजूद, दोनों के बीच सहयोग की गुंजाइश बनी हुई है। एक बदलती दुनिया में भारत-चीन संबंध न केवल एशिया बल्कि वैश्विक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं। संवाद और समझदारी से ही दोनों देश मिलकर एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकते हैं।

05-Dec-2025