टिप्पणी

हिंद महासागर क्षेत्र में सभ्यता के आदान-प्रदान और पारस्परिक शिक्षा पर तीसरा अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी पेकिंग विश्वविद्यालय में आयोजित

हिंद महासागर क्षेत्र में सभ्यता के आदान-प्रदान और पारस्परिक शिक्षा पर तीसरा अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी पेकिंग विश्वविद्यालय में आयोजित

8 से 12 अक्तूबर तक, चीन के पेकिंग विश्वविद्यालय में "हिंद महासागर के पार विचार, संस्थाएँ और व्यवस्था" विषय पर तीसरा अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित किया गया। पेकिंग विश्वविद्यालय में प्राच्य अध्ययन विभाग की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर, ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका के नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय और ईरान के अल्लामेह तबताबाई विश्वविद्यालय जैसे विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ पेकिंग विश्वविद्यालय, सिंघुआ विश्वविद्यालय और फुदान विश्वविद्यालय जैसे घरेलू विश्वविद्यालयों के लगभग 100 विशेषज्ञों और विद्वानों ने हिंद महासागर क्षेत्र में विचार, संस्थानों और व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास और इसके अंतर-क्षेत्रीय संबंधों पर गहन चर्चा करने के लिए सम्मेलन में भाग लिया।
12-Oct-2026
नामत्सो झील: समुद्र तल से 4,718 मीटर ऊँचाई पर बसा 'स्वर्ग का सरोवर', शीत्सांग की पवित्र झील

दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश में स्थित नामत्सो झील, जिसे शीत्सांग में 'स्वर्ग का सरोवर' कहा जाता है, समुद्र तल से 4,718 मीटर की ऊँचाई पर बसी है। यह दुनिया की सबसे ऊँची बड़ी खारे पानी की झील है, जो 2,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैली हुई है। न्येनचेनतांगल्हा पर्वत से आने वाले ग्लेशियर और झरनों से पोषित यह झील वन्यजीवों का घर भी है – भूरे भालू, जंगली याक, कियांग और पानी के पक्षियों के झुंड यहाँ के किनारों पर देखे जा सकते हैं। इसके पानी में कई प्रकार की मछलियाँ हैं, और आसपास की पहाड़ियों में कॉर्डिसेप्स और स्नो लोटस उगते हैं। यह झील ल्हासा के दामशुंग काउंटी और नागछ्यू के बैंगोइन काउंटी में फैली है और शीत्सांग की तीन पवित्र झीलों में से एक है। यहाँ का नज़ारा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है।

21-Sep-2026