टिप्पणी

चीन और रूस: सदी के बदलावों में एक अहम और अटूट बंधन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 19 से 20 मई तक चीन की राजकीय यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने संयुक्त रूप से एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए, जिसमें चीन और रूस के बीच सद्भावनापूर्ण पड़ोसी सम्बंध और मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में 20 सहयोग दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिससे चीन-रूस सम्बंधों के विकास को एक नई और सशक्त गति मिली। इस वर्ष चीन-रूस रणनीतिक समन्वय साझेदारी की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ और सद्भावनापूर्ण पड़ोसी सम्बंध और मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि पर हस्ताक्षर की 25वीं वर्षगांठ है। पिछले 30 वर्षों से, राष्ट्राध्यक्षों की कूटनीति ने द्विपक्षीय सम्बंधों की दिशा को निरंतर निर्देशित किया है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन 40 से अधिक बार मिल चुके हैं। यह राष्ट्रपति पुतिन की चीन की 25वीं यात्रा है। दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच घनिष्ठ संवाद चीन-रूस सम्बंधों के उच्च स्तर और विशिष्टता को पूरी तरह से दर्शाता है। चीन और रूस के बीच व्यापक रणनीतिक सहयोग लंबे समय से द्विपक्षीय दायरे से प

21-May-2026
कभी यह थी एशिया की सबसे बड़ी ओपन-पिट खदान, अब ले रही है राष्ट्रीय पार्क का रूप

चीन में सबसे पहले औद्योगीकरण हासिल करने वाले क्षेत्रों में से एक उत्तर-पूर्वी चीन में आज भी अतीत की झलक दिखती है। लियाओनिंग प्रांत की राजधानी शेनयांग से 45 किमी. दूर फुशुन कस्बे में एक ऐतिहासिक विरासत मौजूद है, जो कभी एशिया की सबसे बड़ी ओपन पिट कोयला खदान के तौर पर प्रसिद्ध थी। इसे चीन में हुए औद्योगीकरण का प्रतीक माना जाता है। आज यह म्यूज़ियम का रूप ले चुका है, और पर्यटक यहां पहुंचकर चीन में उद्योगों के विकास के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके साथ ही इस इलाके में पर्यावरण संरक्षण के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। क्योंकि यह पूरा क्षेत्र राष्ट्रीय खदान पार्क के रूप में विकसित हो रहा है। हाल के दिनों में मुझे फुशुन काउंटी की इस खदान को नजदीक से देखने और जानने का अवसर मिला। इसे देखकर कहा जा सकता है कि चीन में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन किस तरह बिठाया जा रहा है। प्रस्तुति- Anil Pandey

15-May-2026