19-Aug-2026
18-Aug-2026
साल 2026 में चीन को लेकर दुनिया के लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। चीन की ओर विदेशी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ रहा है।
हाल ही में चीन ने वर्ष के पहले सात महीनों के व्यापक आर्थिक आंकड़े जारी किए हैं। इनमें विनिर्माण, सेवा और विदेशी व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। इससे चीनी अर्थव्यवस्था के समग्र स्तर पर स्थिर विकास का संकेत मिलता है और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का भी इस पर खास ध्यान गया है। ऐसे समय में, जब विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 2026 के वैश्विक आर्थिक विकास के अनुमान को लगातार 0.1 प्रतिशत अंक घटाया है और भू राजनीतिक संघर्ष तथा ऊर्जा बाजार में उतार चढ़ाव जैसी चुनौतियों के बीच वैश्विक आर्थिक सुधार की रफ्तार प्रभावित हो रही है, चीनी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन उसकी मजबूत जीवन्तता को दिखाता है। साथ ही, यह धीमी गति से बढ़ रही विश्व अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण गति दे रहा है।
शेनपेन खिमसर द्वारा निर्देशित अंग्रेजी भाषा की फिल्म "4 नदियाँ, छह पर्वत श्रेणियां" (Four Rivers and Six Ranges)में विद्रोही संगठन द्वारा 14वें दलाई लामा को भारत में निर्वासन में ले जाने की कथा को मनगढंत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। हालांकि सबूत यह दर्शाते हैं कि अपनी स्थापना से लेकर अपने पतन तक, तिब्बती स्वतंत्रता समूह को अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) द्वारा दास प्रथा के उन्मूलन का विरोध करने, दलाई लामा के भागने में मदद करने और "तिब्बत स्वतंत्रता" को बढ़ावा देने के लिए समर्थन प्राप्त था। यह फिल्म "4 नदियाँ, छह पर्वत श्रेणियां" को शित्सांग का प्रतिनिधित्व करने वाली एक वैध सशस्त्र सेना के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत करती है, जिसका कार्य दलाई लामा और तिब्बती बौद्ध धर्म की रक्षा करना बताया जाता है। वास्तव में यह समूह दास स्वामी कुलीन वर्ग द्वारा बनाया गया एक अवैध गुट था, जो सामंती दास प्रथा व्यवस्था की रक्षा करना और उसके उन्मूलन का विरोध करना चाहता था।
चीन ने शनिवार को अपनी ऐतिहासिक "पारिस्थितिकी और पर्यावरण संहिता" लागू कर दी। इससे मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए कानूनी आधार और मजबूत हुआ है। इसे चीन के हरित आधुनिकीकरण अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस संहिता में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और पारिस्थितिकी बहाली से जुड़े स्पष्ट कानूनी प्रावधान किए गए हैं। इसके जरिए हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
गर्मियों के मौसम में लंदन का चाइनाटाउन काफी चहल पहल से भरा रहता है।
चीन के इनर मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश की हिंगगन लीग में वेटलैंड का खूबसूरत नज़ारा इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रहा है।
क़लम की ताक़त पर संदेह न करना, क्योंकि हर कहानी की शुरुआत और अंत इसी कलम से होता है
बेहतर के लिए प्रयास करता हूं और लगातार नए विचारों का सृजन करता हूं
बहुत सीमित हूं मैं अपने शब्दों में,लेकिन बहुत विस्तृत हूँ अपने अर्थों में
भारत से विशेष टिप्पणीकारों का स्वतंत्र लेखन
खूबसूरत पैंगोंग झील के किनारे जीवन का चमत्कार चुपचाप खिलता है।पैंगोंग विलो, पैंगोंग झील के किनारे पलने और बढ़ने के कारण यह नाम मिला है। हालाँकि इसे "विलो" कहा जाता है, यह वास्तव में शीत्सांग का एक अनोखा छोटा पौधा है।
आयुर्वेद और हेल्दी एजिंग का रिश्ता बड़ा गहरा है। आयुर्वेद के जरिए उम्र बढ़ने की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है। चीन की राजधानी पेइचिंग में हेल्दी एजिंग थ्रू आयुर्वेद विषय पर जाने-माने आयुवेर्दिक चिकित्सक डा. धनवंतरी झा ने एक लेक्चर दिया।
हाल ही में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), द्वारका के बच्चों और टीचर्स की एक टीम ब्रिक्स (BRICS) देशों के एजुकेशन और कल्चर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत चीन आयी थी। इस दौरान स्कूल के बच्चों ने चीन की नई टेक्नोलॉजी, मशहूर ऐतिहासिक जगहों और चीनी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से देखा और समझा। इस खास यात्रा के अनुभवों और उद्देश्यों को जानने के लिए हमने स्कूल की टीचर मोनिका शर्मा से बात की। आइए देखते हैं यह खास बातचीत।
चीन, भारत, पाकिस्तान सहित विश्व की अहम ख़बरों का साप्ताहिक कार्यक्रम, जो आप तक पहुंचाया जाता है वीडियो के माध्यम से। देखिए... इस सप्ताह का न्यूज़ फोकस।
इन दिनों शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा में शोटन महोत्सव की रौनक देखने को मिल रही है। यह तिब्बती लोगों का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार है, जो तिब्बती पंचांग के सातवें महीने के पहले दिन मनाया जाता है।
14 से 19 अगस्त तक अमेरिका के ओरेगॉन राज्य से आए 22 सदस्यीय कलात्मक जिमनास्टिक और नृत्य अकादमी के प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने शीत्सांग के कलाकारों, खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों के साथ सांस्कृतिक आदान प्रदान किया। साथ ही, उन्होंने पोटाला पैलेस, जोखांग मठ और शीत्सांग विश्वविद्यालय का भी दौरा किया।
14वें शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश खेल यानी छठे जातीय पारंपरिक खेल खेलों का उद्घाटन 15 अगस्त को दोपहर के बाद शिगात्से शहर में हुआ।
12 अगस्त को शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की सरकार के सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित न्यूज ब्रीफिंग में स्वायत्त प्रदेश में जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाले कानून के अध्ययन, प्रचार और कार्यान्वयन और सम्बंधित जातीय कार्यों की स्थिति का परिचय दिया गया।