AI अब सिर्फ़ फिल्मों या लैब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित World Intelligence Expo 2026 में उड़ने वाली टैक्सियां, इंसानों जैसे रोबोट, बिना ड्राइवर वाली कारें और स्मार्ट फैक्ट्रियाँ देखने को मिलीं। इस एक्सपो में 700 से ज़्यादा कंपनियाँ और 200 से अधिक नई तकनीकें पेश की गईं। News Story में देखिए यह ख़ास प्रस्तुति और जानिए AI की दुनिया कितनी तेज़ी से बदल रही है!
1 जून को चीन में International Children’s Day बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रम, खेल-कूद, गीत-संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जबकि परिवार बच्चों को खास उपहार और यादगार पल देते हैं।
चीन ने अंतरिक्ष में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है! 24 मई को लॉन्च हुआ शनचो-23 अंतरिक्ष यान केवल एक सामान्य क्रू रोटेशन मिशन नहीं है – बल्कि यह चीन के स्पेस स्टेशन कार्यक्रम में एक नए युग की शुरुआत है। अब ध्यान केवल स्टेशन के संचालन पर नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक अनुसंधान पर केंद्रित हो गया है।
चीन का Shenzhou-23 मिशन सिर्फ़ एक सामान्य अंतरिक्ष मिशन नहीं है। यह साफ़ संकेत है कि चीन अब अपने स्पेस प्रोग्राम को नए स्तर पर ले जाना चाहता है। पहले ध्यान सिर्फ़ स्पेस स्टेशन को चलाने और अंतरिक्ष में मौजूदगी बनाए रखने पर था, लेकिन अब असली फोकस वैज्ञानिक रिसर्च और नई खोजों पर है।
हर साल 21 मई को इंटरनेशनल टी डे (अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस) मनाया जाता है। दरअसल, यह दिवस चाय के उस सफर को सलाम करने का दिन है, जो चीन से शुरू हुआ और भारत की गलियों, टपरियों और दिलों तक पहुँचा। देखिए यह न्यूज़ स्टोरी और जानिए चाय की ग्लोबल कहानी के बारे में….
चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की सुबह का वह दृश्य आज भी मेरी आंखों में बसा है।
हर साल 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ चाय के स्वाद का नहीं, बल्कि उससे जुड़े एहसास का भी उत्सव है। संयुक्त राष्ट्र ने साल 2019 में 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के रूप में मान्यता दी थी, ताकि दुनिया को चाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके।
AI की दुनिया में अब असली लड़ाई सिर्फ लैब्स में नहीं, बल्कि फैक्ट्रियों, गोदामों और सड़कों पर हो रही है। अमेरिका के पास सबसे बड़ा AI निवेश और बेहतरीन रिसर्च है। लेकिन चीन तेजी से पूरे सिस्टम को AI-फर्स्ट मॉडल में बदल रहा है। Alibaba की लॉजिस्टिक्स कंपनी Cainiao इसका बड़ा उदाहरण है।दिलचस्प बात ये है कि चीन में 83% लोग AI को सकारात्मक मानते हैं, जबकि अमेरिका में सिर्फ 39%। इसके अलावा, चीन में 60 करोड़ से ज्यादा लोग GenerativeAI इस्तेमाल कर रहे हैं।
किसी भी देश का भविष्य उसके युवा तय करते हैं। भारत और चीन, दोनों ही प्राचीन सभ्यताएं हैं और आज दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। भारत में 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र-निर्माण की प्रेरणा देता है। वहीं चीन में 4 मई को युवा दिवस मनाया जाता है, जो युवाओं के जुनून, ऊर्जा और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है। दोनों देशों का संदेश एक ही है- “भविष्य खुद बनाना पड़ता है।” जब भारत और चीन के युवा एक-दूसरे की संस्कृति, सोच और सपनों को समझेंगे, तो दोनों देशों के रिश्ते और मज़बूत होंगे। यह वीडियो देखिए और जानिए कैसे भारत और चीन के युवा मिलकर दुनिया को बेहतर बना सकते हैं।
आज दुनिया भर में International Workers’ Day यानी अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन उन करोड़ों मेहनतकश लोगों को समर्पित है, जो अपने पसीने, मेहनत और लगन से समाज और अर्थव्यवस्था की असली नींव तैयार करते हैं। हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिन सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि श्रमिकों के अधिकार, उनके सम्मान और उनके योगदान को याद करने का एक ख़ास मौका है।
हर साल 1 मई को, दुनिया भर में International Workers’ Day यानी अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उन करोड़ों मेहनतकश लोगों को सलाम है, जिनकी मेहनत पर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी, हमारी इमारतें, हमारी सड़कें, हमारी फैक्ट्रियां और हमारी पूरी अर्थव्यवस्था टिकती है।
आज दुनिया एक अजीब दोराहे पर खड़ी है। एक तरफ विकास की दौड़ है, तो दूसरी तरफ खुद धरती सांस लेने के लिए संघर्ष कर रही है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण और रेगिस्तान का बढ़ता दायरा अब सिर्फ़ किताबों तक सीमित शब्द नहीं रह गए हैं; वे हमारी रोज़मर्रा की हकीकत बन चुके हैं। सवाल बिल्कुल साफ़ है: अगर हमने अभी अपनी आदतें नहीं सुधारीं, तो भविष्य में क्या बचेगा? इस बढ़ती बेचैनी के बीच, चीन की "ग्रीन ग्रेट वॉल" एक दिलचस्प और बेहद अहम पहल के तौर पर सामने आती है।