World Food Day पर Special: क्या टेक्नोलॉजी मिटा सकती है दुनिया की भूख?

स्मार्ट फार्मिंग, AI, ड्रोन और ड्रिप इरिगेशन ने खेती की तस्वीर बदल दी है। मौसम की सटीक जानकारी, मिट्टी के सेंसर, सस्ती ड्रोन सर्विस और बेहतर बीज पैदावार बढ़ा रहे हैं। कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म खाना बर्बाद होने से बचाने में मदद कर रहे हैं। लेकिन सिर्फ तकनीक काफी नहीं है। 2022 में करीब 105 करोड़ टन खाना बर्बाद हुआ। आज भी करोड़ों लोग भूखे सोते हैं। कारण सिर्फ उत्पादन नहीं—गरीबी, युद्ध, असमानता, खराब सप्लाई चेन और किसानों को सही दाम न मिलना भी है। तकनीक अनाज उगा सकती है, पर हर थाली तक पहुंचाने के लिए मजबूत व्यवस्था, न्याय और संवेदनशीलता जरूरी है। असली सवाल यह नहीं कि तकनीक कितनी एडवांस है, बल्कि यह कि वह कितने खाली पेट भर पाती है। इस विश्व खाद्य दिवस पर संदेश साफ है: आज का नवाचार, कल का पोषण।

16-Oct-2026
मध्य-शरद उत्सव: चीन में चांद और परिवार का त्योहार

अगर किसी चीनी परिवार से पूछा जाए कि मध्य-शरद उत्सव उनके लिए क्या मायने रखता है, तो शायद जवाब बहुत आसान होगा, “परिवार के साथ बैठना, चांद देखना और मूनकेक खाना।” सुनने में यह बात बहुत साधारण लगती है, लेकिन इसके पीछे चीन की हजारों साल पुरानी संस्कृति और परिवार से जुड़ी गहरी भावनाएं हैं। यही वजह है कि आज भी मध्य-शरद उत्सव चीन के सबसे खास पारंपरिक त्योहारों में शामिल है। यह त्योहार चीनी चंद्र कैलेंडर के आठवें महीने की 15वीं तारीख को मनाया जाता है। इस दिन चांद अपने पूरे आकार में दिखाई देता है, इसलिए इसे पूरे चांद का त्योहार भी कहा जाता है।

24-Sep-2026
BRICS और चीन-भारत संबंध

हाल ही में, भारत ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग और बदलती हुई विश्व व्यवस्था जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। लंबे समय बाद दोनों नेताओं की इस मुलाकात को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। इसे समझने के लिए CGTN हिन्दी संवाददाता ने जेएनयू के चीनी अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार से ख़ास बातचीत की। 

18-Sep-2026
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