2026 का पेइचिंग "सार्वजनिक शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया" मंच 12 और 13 अक्टूबर को चीन की राजधानी पेइचिंग स्थित राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित किया जाएगा।
चीन की राजधानी पेइचिंग में एक आर्थिक-तकनीकी विकास क्षेत्र है, जिसे पेइचिंग यिच्वांग (BEIJINGETOWN) के नाम से भी जाना जाता है।
साल 2021 में, चीन की राजधानी पेइचिंग ने शहरी नवीनीकरण के एक नए चरण की शुरुआत की, जिसमें बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और निर्माण से हटकर मौजूदा स्थानों को अनुकूलित और उन्नत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
चीन में आजकल राष्ट्रीय दिवस के मौके पर हर जगह उत्सव जैसा माहौल है। इस दौरान चीनी नागरिकों में देशभक्ति की गहरी भावना महसूस की जा सकती है।
"हैलो, यह थ्येनथोंगयुआन नॉर्थ फर्स्ट डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंट्स कमेटी है।" सुबह-सुबह तू पोशी का फोन लगातार बज रहा था। इस सामुदायिक सेवा केंद्र में, वह 12345 हॉटलाइन और अन्य माध्यमों से उठाई गई समस्याओं का समाधान करते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी इन दिनों जापान में हैं। उन्होंने न केवल जापानी टीम के साथ मैच खेला, बल्कि एशियन गेम्स में भी शिरकत कर रहे हैं। टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय टीम को जापान को हराने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
चीन की राजधानी पेइचिंग में रहने वाले भारतीय लोगों ने पिछले दिनों गणपति उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया।
स्थानीय समयानुसार 24 सितंबर की शाम को, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनकी पत्नी फंग लीयुआन व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप द्वारा आयोजित स्वागत भोज में शामिल हुए। राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनकी पत्नी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
शी चिनफिंग ने वाशिंटन पहुंचकर अमेरिका की राजकीय यात्रा शुरू की
चीन की सेवा (China Service) का मतलब क्या सिर्फ सस्ती लेबर है? क्या यह पश्चिम की नकल है? या सिर्फ पर्यटन तक सीमित है? ना! ना! ना! वीडियो देखें और मजेदार कहानी के जरिए जानिए चीन की सर्विस की असली खूबी और आसानी!
हाल ही में, भारत ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग और बदलती हुई विश्व व्यवस्था जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। लंबे समय बाद दोनों नेताओं की इस मुलाकात को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। इसे समझने के लिए CGTN हिन्दी संवाददाता ने जेएनयू के चीनी अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार से ख़ास बातचीत की।