क्या आपने कभी बकरी सौंदर्य प्रतियोगिता के बारे में सुना है? चीन के शीत्सांग(तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के आली प्रिफेक्चर की कोकेन काउंटी के बैंगनी वेलवेट बकरी अपने प्राकृतिक और प्रदूषण मुक्त, चिकने और उच्च लचीलेपन वाले फर के लिए प्रसिद्ध है। उनके द्वारा उत्पादित फर को 'सॉफ्ट गोल्ड' के रूप में जाना जाता है और यह कपड़ा उद्योग के लिए उच्च श्रेणी का कच्चा माल है। हाल के वर्षों में, कोकेन काउंटी ने "प्रजनन मेढ़ा" सौंदर्य प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों का आयोजन करके बैंगनी वेलवेट बकरियों को पालने में चरवाहों के उत्साह को बढ़ाया है।
हाल ही में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), द्वारका के बच्चों और टीचर्स की एक टीम ब्रिक्स (BRICS) देशों के एजुकेशन और कल्चर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत चीन आयी थी। इस दौरान स्कूल के बच्चों ने चीन की नई टेक्नोलॉजी, मशहूर ऐतिहासिक जगहों और चीनी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से देखा और समझा। इस खास यात्रा के अनुभवों और उद्देश्यों को जानने के लिए हमने स्कूल की टीचर हेमा कपूर से बात की। आइए देखते हैं यह खास बातचीत।
इस प्राचीन और रहस्यमय भूमि में एक ऐसी जनजाति है जो हजारों वर्षों से चली आ रही है। उनकी कहानियाँ भी इस भूमि की तरह ही रंगीन हैं। यह सेनगुओ जनजाति का जन्मस्थान है, जो #शीत्सांग(#तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के आली प्रिफेक्चर के गेर्ट्से काउंटी में ममी टाउनशिप और वुमा टाउनशिप में स्थित है। सेनगुओ जनजाति अपने अनोखे महिलाओं के कपड़े - सेनगुओ पहनावा के लिए प्रसिद्ध है।
खूबसूरत पैंगोंग झील के किनारे जीवन का चमत्कार चुपचाप खिलता है।पैंगोंग विलो, पैंगोंग झील के किनारे पलने और बढ़ने के कारण यह नाम मिला है। हालाँकि इसे "विलो" कहा जाता है, यह वास्तव में शीत्सांग का एक अनोखा छोटा पौधा है।
आयुर्वेद और हेल्दी एजिंग का रिश्ता बड़ा गहरा है। आयुर्वेद के जरिए उम्र बढ़ने की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है। चीन की राजधानी पेइचिंग में हेल्दी एजिंग थ्रू आयुर्वेद विषय पर जाने-माने आयुवेर्दिक चिकित्सक डा. धनवंतरी झा ने एक लेक्चर दिया।
यह चीन के हेबेई प्रांत के फेंगनिंग घास मैदान पर बसा चाइना हॉर्स टाउन है,अब यहां का मौसम थोड़ा ठंडा और सुहावना होता है। देश और विदेश के टूरिस्ट यहां आकर लोक कल्चरल मेलजोल में डूब जाते हैं और घास के मैदानों में सिल्क रोड के कल्चरल शो देखते हैं। इस साल जुलाई में, यहां आने वाले इंटरनेशनल टूरिस्ट की संख्या में साल-दर-साल 100% की बढ़ोतरी देखी गई।
हाल ही में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), द्वारका के बच्चों और टीचर्स की एक टीम ब्रिक्स (BRICS) देशों के एजुकेशन और कल्चर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत चीन आयी थी। इस दौरान स्कूल के बच्चों ने चीन की नई टेक्नोलॉजी, मशहूर ऐतिहासिक जगहों और चीनी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से देखा और समझा। इस खास यात्रा के अनुभवों और उद्देश्यों को जानने के लिए हमने स्कूल की टीचर मोनिका शर्मा से बात की। आइए देखते हैं यह खास बातचीत।
क्या आपने कभी सोचा है कि बिना हाथ लगाए, सिर्फ अपने दिमाग से Computer चलाया जा सकता है? या फिर सिर्फ सोचकर किसी Robotic Hand को हरकत में लाया जा सकता है? कुछ साल पहले तक यह सब Science Fiction फिल्मों की कहानी लगता था। लेकिन आज यह तकनीक धीरे धीरे हकीकत बन रही है। इसके पीछे है एक बेहद दिलचस्प तकनीक, जिसका नाम है Brain Computer Interface, यानी BCI। आइए, इस वीडियो में आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर BCI क्या है, यह कैसे काम करता है और भविष्य में हमारी जिंदगी को किस तरह बदल सकता है....
जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच चीन ने ग्रीन डेवलपमेंट और कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए हैं।
चीन के शानतोंग प्रांत के छ्वीफू में चीन के महान विचारक और दार्शनिक कंफ्यूशियस की विशाल मूर्ति बनायी गयी है। यह मूर्ति 72 मीटर है, जो दुनिया में कंफ्यूशियस की सबसे ऊंची मूर्ति है। इसकी ऊंचाई उनके 72 शिष्यों के सम्मान में इतनी रखी गयी है। इस जगह पर दुनिया भर से लोग पहुंचते हैं, पूरा इलाका उनके विचारों और कहानियों से प्रभावित है।