पेइचिंग समयानुसार, 16 फरवरी की शाम को आठ बजे (भारतीय समयानुसार साढ़े 5 बजे), चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) का "स्प्रिंग फेस्टिवल गाला" प्रसारित किया जाएगा।
चीनी राशि चक्र की कहानी बड़ी दिलचस्प है। इसमें बारह जानवर होते हैं और हर जानवर का अपना एक साल होता है, जो बारह साल बाद फिर लौटकर आता है। इस चक्र में घोड़ा सातवें स्थान पर है। लेकिन घोड़ा सिर्फ एक गिनती नहीं है। चीनी संस्कृति में उसे बहुत सम्मान और महत्व दिया जाता है। इतिहास पर नज़र डालें तो साफ दिखता है कि इंसानी सभ्यता के विकास में घोड़े की भूमिका बहुत बड़ी रही है। युद्ध हो या संदेश पहुँचाना, खेती हो या शाही सवारी- हर जगह घोड़ा इंसान का भरोसेमंद साथी रहा है। यही वजह है कि चीनी नववर्ष में घोड़े का साल शुभ, शक्तिशाली और तरक्की का प्रतीक माना जाता है।
चीनी पारंपरिक नववर्ष की खुशियाँ दस्तक दे रही हैं, और इस खास मौके पर चीनी और भारतीय युवाओं ने मिलकर आपके लिए एक अनोखा सरप्राइज़ तैयार किया है!
लाल कागज की नक्काशी से लेकर स्याही के चित्रों तक, प्राचीन कांस्य के बर्तनों से लेकर नीले और सफेद मिट्टी के पात्र तक—अनगिनत युगों से, पहाड़ों और नदियों के पार, वसंत सरपट दौड़ते घोड़ों के साथ आता है।
क्या आपने कभी सोचा है कि आने वाले समय में फिल्में कैसी होंगी? क्या वे वैसी ही रहेंगी जैसी आज हम देखते हैं, या फिर कुछ ऐसा होगा जो हमें चौंका देगा? आज सिनेमा की दुनिया एक बड़े मोड़ पर खड़ी है। खासकर चीन में, जहाँ फिल्मों का तरीका तेजी से बदल रहा है। इस बदलाव की वजह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यानी AI।
जब भी चीन की अर्थव्यवस्था की बात होती है, ज्यादातर लोग टेक्नोलॉजी, फैक्ट्रियों और बड़े शहरों को याद करते हैं। लेकिन पिछले 10–12 साल में चीन ने एक ऐसे खेल-सेक्टर में जोरदार निवेश किया, जिसे पहले केवल अमीर लोगों का शौक माना जाता था, और वह है विंटर स्पोर्ट्स। आज यही बर्फ वाला खेल सेक्टर चीन की अर्थव्यवस्था में एक नए “सफेद सोने” की तरह चमक रहा है। चीन ने पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह अपनी 'विंटर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री' या 'आइस एंड स्नो इकॉनमी' को खड़ा किया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। आइए, आज की न्यूज़ स्टोरी में हम जानेंगे कि कैसे चीन ने बर्फ को सोने में बदल दिया है और कैसे महज दो दशकों में वह विंटर स्पोर्ट्स की दुनिया का नया सुपरपावर बनकर उभरा है।
खिलौने... सुनने में यह शब्द बहुत छोटा लगता है लेकिन इनका असर हमारे दिल पर बहुत गहरा होता है। एक छोटा-सा खिलौना हाथ में आते ही बच्चों के चेहरे पर जो स्माइल आती है, वो अनमोल होती है। चाहे वो गुड़िया हो, रिमोट वाली कार हो या कोई प्यारा-सा टेडी बियर, खिलौने हमें एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं। एक ऐसी दुनिया जहाँ कोई टेंशन नहीं, कोई शोर-शराबा नहीं, बस मस्ती और सुकून होता है। यहाँ तक कि हम बड़े भी जब बच्चों को खेलते देखते हैं, तो अपनी सारी परेशानियां भूल जाते हैं। तो चलिए, आज की न्यूज़ स्टोरी में आपको एक बहुत ही मजेदार और दिलचस्प किस्सा सुनाते हैं।
आज की दुनिया एक ऐसे दौर से गुज़र रही है जहाँ हर बड़ी खबर किसी न किसी तरह ग्लोबल पॉलिटिक्स की शतरंज से जुड़ी हुई है। चाहे वह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव हो, रूस को लेकर अमेरिका के नए कानून हों, या भारत और चीन जैसे उभरते देशों की भूमिका हो, हर चीज़ एक बड़ी तस्वीर की ओर इशारा करती है। सवाल यह है कि क्या ये सिर्फ़ अलग-अलग घटनाएं हैं, या दुनिया एक नए पावर शिफ्ट की ओर बढ़ रही है? इसी संदर्भ में, आज हम दिल्ली यूनिवर्सिटी के देशबंधु कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह से बात करेंगे, जो ग्लोबल पॉलिटिक्स पढ़ाते हैं और इंटरनेशनल मामलों में खास पकड़ रखते हैं, ताकि इन जटिल ग्लोबल डायनामिक्स को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
वर्तमान में, चीनी नागरिक अपने स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। चीन सरकार की ओर से भी लोगों को हेल्थ के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे में चीनी लोगों में थाई ची के साथ-साथ योग बहुत लोकप्रिय हो चुका है।