क्या आपने कभी सोचा है कि भविष्य का शहर कैसा दिखेगा? आज मैं आपको लेकर चलती हूँ चीन के Guangzhou शहर, जहाँ भविष्य आज ही शुरू हो गया है! इस वीडियो में आप देखेंगे: 1.दुनिया की पहली प्रमाणित "फ्लाइंग कार" का अनुभव! यह कैसा लगता है, कितना सुरक्षित है, और क्या यह सचमुच ट्रैफिक जाम का हल है? 2.बिना ड्राइवर और बिना स्टीयरिंग की "जादुई बस" Guangzhou की सड़कों पर इसका असली टेस्ट ड्राइव। 3.Guangzhou की स्वादिष्ट रसोई और यहाँ बसे भारतीय समुदाय से मुलाकात। जानिए उन्हें इस शहर में कैसा लगता है। यह सिर्फ एक शहर की यात्रा नहीं, बल्कि यह देखने का मौका है कि कैसे तकनीक और संस्कृति मिलकर एक ज़िंदादिल इंसानी अनुभव बना सकते हैं। अगर आप टेक्नोलॉजी, यात्रा, या सिर्फ यह जानने में दिलचस्पी रखते हैं कि दुनिया का भविष्य कैसा दिख सकता है, तो यह वीडियो आपके लिए ही है।
पूर्वी पेइचिंग के थोंगचो (Tongzhou) इलाके में बना पेइचिंग-हांगचो लंबी नहर सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल बेहद खूबसूरत जगह है।
AI अब सिर्फ़ फिल्मों या लैब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित World Intelligence Expo 2026 में उड़ने वाली टैक्सियां, इंसानों जैसे रोबोट, बिना ड्राइवर वाली कारें और स्मार्ट फैक्ट्रियाँ देखने को मिलीं। इस एक्सपो में 700 से ज़्यादा कंपनियाँ और 200 से अधिक नई तकनीकें पेश की गईं। News Story में देखिए यह ख़ास प्रस्तुति और जानिए AI की दुनिया कितनी तेज़ी से बदल रही है!
1 जून को चीन में International Children’s Day बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रम, खेल-कूद, गीत-संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जबकि परिवार बच्चों को खास उपहार और यादगार पल देते हैं।
चीन ने अंतरिक्ष में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है! 24 मई को लॉन्च हुआ शनचो-23 अंतरिक्ष यान केवल एक सामान्य क्रू रोटेशन मिशन नहीं है – बल्कि यह चीन के स्पेस स्टेशन कार्यक्रम में एक नए युग की शुरुआत है। अब ध्यान केवल स्टेशन के संचालन पर नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक अनुसंधान पर केंद्रित हो गया है।
चीनी पर्यटक राजस्थान के बारे में बहुत रुचि रखते हैं, हालांकि हाल के वर्षों में वीज़ा आदि कारणों से बहुत कम लोग राजस्थान जा सके हैं। चीनी पर्यटकों को फिर से आकर्षित करने के लिए राजस्थान सरकार ने चीन के पेइचिंग और शांगहाई में कार्यक्रम आयोजित किए।
भारतीय दूतावास पेइचिंग में राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में राजस्थान की पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार ने चीन के मेहमानों को भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के राजसी किलों, भव्य महलों, वन्य जीवन और जीवित सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।
हर साल 21 मई को इंटरनेशनल टी डे (अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस) मनाया जाता है। दरअसल, यह दिवस चाय के उस सफर को सलाम करने का दिन है, जो चीन से शुरू हुआ और भारत की गलियों, टपरियों और दिलों तक पहुँचा। देखिए यह न्यूज़ स्टोरी और जानिए चाय की ग्लोबल कहानी के बारे में….
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आई है; मोदी ने जनता से एक साल के लिए सोने की खरीद बंद करने का आग्रह किया है।
AI की दुनिया में अब असली लड़ाई सिर्फ लैब्स में नहीं, बल्कि फैक्ट्रियों, गोदामों और सड़कों पर हो रही है। अमेरिका के पास सबसे बड़ा AI निवेश और बेहतरीन रिसर्च है। लेकिन चीन तेजी से पूरे सिस्टम को AI-फर्स्ट मॉडल में बदल रहा है। Alibaba की लॉजिस्टिक्स कंपनी Cainiao इसका बड़ा उदाहरण है।दिलचस्प बात ये है कि चीन में 83% लोग AI को सकारात्मक मानते हैं, जबकि अमेरिका में सिर्फ 39%। इसके अलावा, चीन में 60 करोड़ से ज्यादा लोग GenerativeAI इस्तेमाल कर रहे हैं।
चीन में सबसे पहले औद्योगीकरण हासिल करने वाले क्षेत्रों में से एक उत्तर-पूर्वी चीन में आज भी अतीत की झलक दिखती है। लियाओनिंग प्रांत की राजधानी शेनयांग से 45 किमी. दूर फुशुन कस्बे में एक ऐतिहासिक विरासत मौजूद है, जो कभी एशिया की सबसे बड़ी ओपन पिट कोयला खदान के तौर पर प्रसिद्ध थी। इसे चीन में हुए औद्योगीकरण का प्रतीक माना जाता है। आज यह म्यूज़ियम का रूप ले चुका है, और पर्यटक यहां पहुंचकर चीन में उद्योगों के विकास के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके साथ ही इस इलाके में पर्यावरण संरक्षण के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। क्योंकि यह पूरा क्षेत्र राष्ट्रीय खदान पार्क के रूप में विकसित हो रहा है। हाल के दिनों में मुझे फुशुन काउंटी की इस खदान को नजदीक से देखने और जानने का अवसर मिला। इसे देखकर कहा जा सकता है कि चीन में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन किस तरह बिठाया जा रहा है। प्रस्तुति- Anil Pandey
ग्रेट वॉल की बेहतर सुरक्षा के लिए, 2006 में ' ग्रेट वॉल संरक्षण नियमावली' जारी की गई थी—इसके तहत ग्रेट वॉल के आसपास के ग्रामीणों को 'ग्रेट वॉल संरक्षक'के रूप में नियुक्त करने की पहल की गई।