हाल ही में, भारत ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग और बदलती हुई विश्व व्यवस्था जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। खास बात यह रही कि इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। लंबे समय बाद दोनों नेताओं की इस मुलाकात को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। इसे समझने के लिए CGTN हिन्दी संवाददाता ने जेएनयू के चीनी अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार से ख़ास बातचीत की।
23वां चीन-आसियान एक्सपो और चीन-आसियान व्यापार व निवेश शिखर सम्मेलन 17 सितंबर को चीन के क्वांगशी च्वांग स्वायत्त प्रदेश के नाननिंग में उद्घाटित हुआ।
क्या आपको पता है... जब भारत में ऊँची-ऊँची इमारतें बनती हैं... जब गाड़ियों के इंजन तैयार होते हैं... जब नए प्रोजेक्ट्स की नींव पड़ती है... तो उसमें एक छोटा सा हिस्सा होता है — चांग्शा नाम के शहर का! ये चीन का वो शहर है जो भारत के लिए: ·हाई-टेक क्रेन मशीनें बनाता है — जिनसे हमारी बिल्डिंग्स आसमान छू रही हैं ·प्रिसिज़न इंजन पार्ट्स सप्लाई करता है — जो हमारी गाड़ियों को ताकत देते हैं ·भारतीय छात्रों को दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में पढ़ाता है — स्कॉलरशिप के साथ! और सबसे दिलचस्प बात? 20 साल पहले: भारत में सिर्फ जापान और जर्मनी की मशीनें चलती थीं आज: उसी मार्केट में 70-80% मशीनें चांग्शा से जा रही हैं! यानी जब आप किसी नई बिल्डिंग को बनते देखते हैं... या किसी नई कार को लॉन्च होते देखते हैं... तो उसमें चांग्शा की मेहनत छिपी होती है! इस वीडियो में हम आपको ले चल रहे हैं चांग्शा के अंदर — जहाँ से भारत की तरक्की को पावर मिलती है!
भारत के ब्रिक्स समन्वयक सुधाकर दलेला ने कहा कि भारत, चीन और अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच नवाचार के क्षेत्र में सहयोग की सकारात्मक नींव पहले से मौजूद है।
सितंबर में, जब भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ, तो चीन, ईरान, भारत और थाईलैंड के कई युवा अपनी-अपनी भाषाओं में टीवी धारावाहिकों, फिल्मों और लघु वीडियो देखने के अपने अनुभवों के साथ-साथ अन्य देशों की फिल्मों और टीवी ड्रामा पर अपनी राय साझा करने के लिए एकत्रित हुए। वे इतनी सहजता से संवाद कैसे कर पाए? उन्होंने किन विषयों पर बात की? जानने के लिए वीडियो देखें
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। इस बार भारत की अध्यक्षता का फोकस मजबूती, नवाचार, सहयोग और सतत विकास पर है। वहीं, BRICS के विस्तार के बाद समूह के भीतर अलग-अलग देशों के रणनीतिक और आर्थिक हित भी सामने आए हैं। ऐसे में भारत की अध्यक्षता और इस शिखर सम्मेलन को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए, इसे समझने के लिए CGTN हिन्दी संवाददाता ने जेएनयू की प्रोफेसर और ‘नेशन-स्टेट डायलॉग’ की फाउंडर डॉ. गीता कोछड़ से ख़ास बातचीत की। इस वीडियो में सुनिए यह ख़ास बातचीत…
सीजीटीएन हिंदी संवाददाता अनिल पांडेय ने भारतीय वैश्विक परिषद(ICWA) के सीनियर फेलो और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के जानकार फ़ज्जुर रहमान सिद्दीकी के साथ वीडियो इंटरव्यू किया।
भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। ऐसे समय में भारत-चीन सम्बंध, दोनों देशों के बीच बढ़ता संवाद, साझा वैश्विक हित और शीत्सांग (तिब्बत) जैसे संवेदनशील मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
कुछ प्रमुख आँकड़े आपको ब्रिक्स देशों की आर्थिक क्षमता का सीधा अनुभव कराते हैं। क्रय शक्ति समता के आधार पर गणना करने पर, ब्रिक्स देशों का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वैश्विक कुल का लगभग 40% है, और ये वैश्विक आर्थिक वृद्धि में आधे से अधिक का योगदान देते हैं।
चाइना के C919 विमान ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालन शुरू कर दिया है। अब तक बोइंग और एयरबस जैसी कंपनियों के दबदबे वाले एविएशन बाज़ार में चीन अपनी जगह बना रहा है।
सोचिए, एक ऐसा खिलाड़ी जो न थकता है, न हार से निराश होता है। दौड़ना हो, फुटबॉल खेलना हो, टेबल टेनिस में रैकेट चलाना हो, वेटलिफ्टिंग करनी हो या डांस करना हो, ये रोबोट हर मैदान में अपना दम दिखाते नजर आए। पेइचिंग में आयोजित दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट्स गेम्स में विज्ञान और खेल का ऐसा अनोखा संगम देखने को मिला। क्या रोबोट भविष्य में इंसानों के साथ खेल के मैदान में भी मुकाबला करेंगे? देखिए, इस खास वीडियो में...
क्या आपने कभी सोचा है कि चीन में बच्चों के स्कूल का पहला दिन कैसा होता है? नई किताबें, नई यूनिफॉर्म, सुबह-सुबह खास नाश्ता और स्कूल पहुंचते ही फ्लैग-रेजिंग सेरेमनी!