छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे के पूर्ण संचालन की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर, चाइना मीडिया ग्रुप(सीएमजी) नेपाली एंकर और एक तिब्बती फैशन ब्लॉगर ने साथ मिलकर शिनिंग से यात्रा शुरू की। उन्होंने छिंगहाई झील, होह शील और तांगगुला दर्रे से होते हुए बर्फीले पहाड़ों के इस स्वर्ग मार्ग पर दक्षिण की ओर यात्रा करते हुए ल्हासा पहुंचे।
पश्चिम बंगाल प्रदेश में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के पॉलिटिकल ब्यूरो सदस्य एवं सचिव मो. सलीम(Md. Salim)ने इस अवसर पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी जनता को गर्मजोशी से बधाई दी है। सलीम ने कहा कि जटिल वैश्विक स्थिति में भी सीपीसी का नेतृत्व चीन के विकास, पार्टी के आत्म-संशोधन और नवाचार में जो प्रगति कर रहा है, विशेषकर वर्तमान में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में पार्टी की अग्रगामी दृष्टि और जन-केंद्रित कार्यप्रणाली विश्व के सभी कम्युनिस्टों के लिए प्रेरणा और सीखने का विषय है।
छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे दुनिया की सबसे ऊंचाई पर चलने वाली रेलवे है, जिसने सिर्फ पहाड़ों को नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी को भी जोड़ा। 1 जुलाई, 2006 को शुरू हुई छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे अपने फुल ऑपरेशन के 20 साल पूरे कर रही है। आइए इस वीडियो में जानते हैं कि कैसे इस ऐतिहासिक रेलवे ने इंजीनियरिंग, कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन की नई कहानी लिखी....
चौथा चीन अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला प्रदर्शनी (CISCE) इन दिनों राजधानी पेइचिंग में आयोजित की जा रही है। इस वर्ष की प्रदर्शनी में 85 देशों और क्षेत्रों से 1,200 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के दौरान 160 से ज्यादा नई प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का पहली बार अनावरण और प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण पहली बार स्थापित किया गया विशेष AI क्षेत्र है। इस क्षेत्र में चीन और विदेशों की 228 अग्रणी AI कंपनियां भाग ले रही हैं। यहां स्मार्ट चिप्स, बड़े भाषा मॉडल, ह्यूमनॉइड रोबोट और अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
चीन की राजधानी पेइचिंग में भारतीय दूतावास ने बड़े ही शानदार तरीके से 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। इस बार की थीम थी "योग फॉर हेल्दी एजिंग" (यानी बढ़ती उम्र में भी फिट और एक्टिव रहने का मंत्र)।
चीन के शनचन शहर के ल्येनहुआशान पार्क में एक विशाल बरगद का पेड़ शान से खड़ा है, जिसकी शाखाएँ और पत्तियाँ हरी-भरी हैं। इस पेड़ को स्वयं चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2012 में क्वांगतोंग प्रांत के अपने निरीक्षण दौरे के दौरान लगाया था।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर CGTN हिंदी ने पेइचिंग में रहने वाले भारतीय योग गुरु हेमन्त वेंकटरमन के साथ साक्षात्कार किया। हेमन्त पिछले 18 वर्षों से चीन में योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जिन्होने न केवल हज़ारों चीनी नागरिकों को योग से जोड़ा बल्कि भारत-चीन सांस्कृतिक सम्बंधों में भी एक नया अध्याय लिखा है...देखिए यह विशेष बातचीत और जानिए कि क्यों योग आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक और प्रासंगिक बन गया है।
चीन का ड्रैगन बोट फेस्टिवल सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा, स्वाद और उत्साह का अनोखा संगम है। इस वीडियो में जानिए ड्रैगन बोट रेस का रोमांच, ज़ोंग्ज़ी की खास कहानी और उस चीनी कवि की दास्तान, जिससे इस त्योहार की शुरुआत जुड़ी मानी जाती है। आखिर क्यों हजारों साल पुरानी यह परंपरा आज भी चीन के लोगों के दिलों में जिंदा है? आइए, चलते हैं इस रंग-बिरंगे सांस्कृतिक सफर पर…
चीन की राजधानी पेइचिंग के पश्चिमी हिस्से में स्थित सौ साल पुरानी एक स्टील मिल आज एक सांस्कृतिक और खेल केंद्र का रूप ले चुकी है।
2026 लांगफांग (चीन) अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यापार मेला शुरू
चीन के छिंगहाई प्रांत की राजधानी शीनिंग में स्थित Qinghai Tibetan Culture Museum तिब्बती इतिहास, कला और परंपराओं का अनोखा खज़ाना है। यहाँ संस्कृति सिर्फ दिखाई नहीं देती, बल्कि महसूस भी होती है। इस संग्रहालय में 50,000 से ज़्यादा दुर्लभ कलाकृतियाँ, तिब्बती चिकित्सा, पारंपरिक वेशभूषा, सुलेखन, ज्योतिष और ऐतिहासिक धरोहरें एक ही जगह देखने को मिलती हैं। अगर आप तिब्बती संस्कृति और इतिहास को समझना चाहते हैं, तो यह वीडियो ज़रूर देखें।
क्या आपने कभी सोचा है कि भविष्य का शहर कैसा दिखेगा? आज मैं आपको लेकर चलती हूँ चीन के Guangzhou शहर, जहाँ भविष्य आज ही शुरू हो गया है! इस वीडियो में आप देखेंगे: 1.दुनिया की पहली प्रमाणित "फ्लाइंग कार" का अनुभव! यह कैसा लगता है, कितना सुरक्षित है, और क्या यह सचमुच ट्रैफिक जाम का हल है? 2.बिना ड्राइवर और बिना स्टीयरिंग की "जादुई बस" Guangzhou की सड़कों पर इसका असली टेस्ट ड्राइव। 3.Guangzhou की स्वादिष्ट रसोई और यहाँ बसे भारतीय समुदाय से मुलाकात। जानिए उन्हें इस शहर में कैसा लगता है। यह सिर्फ एक शहर की यात्रा नहीं, बल्कि यह देखने का मौका है कि कैसे तकनीक और संस्कृति मिलकर एक ज़िंदादिल इंसानी अनुभव बना सकते हैं। अगर आप टेक्नोलॉजी, यात्रा, या सिर्फ यह जानने में दिलचस्पी रखते हैं कि दुनिया का भविष्य कैसा दिख सकता है, तो यह वीडियो आपके लिए ही है।