तोनान फूल बाजार कितना व्यस्त रहता है?

चीन के युन्नान प्रांत के खुनमिंग में स्थित तोनान फूल बाजार एशिया के सबसे बड़े कटे हुए फूलों के व्यापारिक बाजारों में से एक है। प्रतिदिन, देश भर से फूल इस बाजार में आते हैं, जहां विक्रेता उन्हें छांटने, व्यवस्थित करने और पैक करने में व्यस्त रहते हैं, जबकि खरीदार और पर्यटक चहल-पहल करते रहते हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में, तोनान फूल बाजार में 15.476 अरब फूलों के गुच्छों का व्यापार हुआ, जिसका लेनदेन मूल्य लगभग 13.484 अरब युआन था। यहां छांटने और पैक करने के बाद, फूलों को देश के सभी हिस्सों में भेजा जाता है और ठंडे ट्रकों, हवाई जहाजों और तेज गति वाली ट्रेनों के माध्यम से विदेशी बाजारों में निर्यात किया जाता है।

20-Oct-2026
2. चीन के रेगिस्तान में मौजूद, हैरान कर देने वाला 'आईनों वाला पावर प्लांट'

तक्लामाकन रेगिस्तान के उत्तर-पूर्वी किनारे पर स्थित चीन के कानसू प्रांत के तुनह्वांग में, आज चीन का पहला 100-मेगावाट का 'मोल्टन-सॉल्ट टॉवर सोलर थर्मल प्लांट' मौजूद है। 12,000 से ज़्यादा हेलियोस्टैट्स की मदद से, यह प्लांट लगातार गर्मी को स्टोर करता है और चौबीसों घंटे बिजली बनाता है। पर रेतीले तूफान प्लांट के लिये एक बड़ा खतरा है। वनस्पति को बहाल करने के लिए, वन रक्षकों और शोधकर्ताओं ने 'सक्साल' (saxaul) के पेड़ लगाए हैं, ड्रिप सिंचाई प्रणाली लागू की है, और हवा के कारण होने वाले कटाव की आशंका वाले इलाकों को स्थिर किया है। चीन 'थ्री-नॉर्थ शेल्टरबेल्ट प्रोग्राम', 'साउथ-टू-नॉर्थ वॉटर डायवर्जन प्रोजेक्ट' और 'वेस्ट-टू-ईस्ट पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट' को आगे बढ़ा रहा है, और साथ ही गोबी रेगिस्तान में एक पारिस्थितिक और स्वच्छ ऊर्जा प्रणाली का निर्माण कर रहा है।

18-Oct-2026
World Food Day पर Special: क्या टेक्नोलॉजी मिटा सकती है दुनिया की भूख?

स्मार्ट फार्मिंग, AI, ड्रोन और ड्रिप इरिगेशन ने खेती की तस्वीर बदल दी है। मौसम की सटीक जानकारी, मिट्टी के सेंसर, सस्ती ड्रोन सर्विस और बेहतर बीज पैदावार बढ़ा रहे हैं। कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म खाना बर्बाद होने से बचाने में मदद कर रहे हैं। लेकिन सिर्फ तकनीक काफी नहीं है। 2022 में करीब 105 करोड़ टन खाना बर्बाद हुआ। आज भी करोड़ों लोग भूखे सोते हैं। कारण सिर्फ उत्पादन नहीं—गरीबी, युद्ध, असमानता, खराब सप्लाई चेन और किसानों को सही दाम न मिलना भी है। तकनीक अनाज उगा सकती है, पर हर थाली तक पहुंचाने के लिए मजबूत व्यवस्था, न्याय और संवेदनशीलता जरूरी है। असली सवाल यह नहीं कि तकनीक कितनी एडवांस है, बल्कि यह कि वह कितने खाली पेट भर पाती है। इस विश्व खाद्य दिवस पर संदेश साफ है: आज का नवाचार, कल का पोषण।

16-Oct-2026
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