इस गर्मी में पूरी दुनिया फुटबॉल की दीवानी हो रही है लेकिन नॉर्वे ने तो इस दीवानगी को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया है। जब से नॉर्वे ने इतिहास में पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई है, पूरा देश 'वाइकिंग रो' के जुनून में डूबा हुआ है। यह अनोखा जश्न जिसमें हाथों को नाव चलाने की मुद्रा में आगे-पीछे किया जाता है... अब हर जगह देखने को मिल रहा है। इसकी शुरुआत स्टेडियम में खिलाड़ियों और फैंस से हुई थी, और फिर यह सिलसिला स्कूल, कॉलेज और ऑफ़िसों तक जा पहुंचा। सबसे मज़ेदार नज़ारा तो तब देखने को मिला, जब स्क्योंग किंडरगार्टन के छोटे-छोटे बच्चों ने अपने हाथों से 'वाइकिंग रो' की नकल की और उनका यह वीडियो वायरल हो गया। वहीं दूसरी तरफ़, नॉर्वे की सेना ने भी ज़मीन, समुद्र और हवाई अड्डों पर कुछ इस अंदाज़ में रोइंग करके दिखाया कि फुटबॉल सिर्फ़ एक खेल नहीं, बल्कि उनकी एकता का प्रतीक है।
रोबोटों द्वारा निर्मित एक विशाल सौर परियोजना चीन के शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के तारिम तेल क्षेत्र में पूर्णता के करीब है। इस परियोजना से प्रतिवर्ष 1.617 अरब किलोवाट-घंटे बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है, जो लगभग 5 लाख घरों की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
88 वर्षीय तिब्बती बुजुर्ग ताशी के साथ जुड़ें, जब वे एक धूल भरी फोटो एल्बम खोलते हैं। आप सिर्फ इतिहास नहीं देखेंगे; बल्कि आधुनिक तिब्बत में एक सामंती मजदूर से एक खुशहाल बुजुर्ग बनने के उनके सफर में इंटरैक्ट करेंगे और कहानी को आकार देंगे।
चीन के हनान प्रांत के चिड़ियाघर में जानवरों के लिए अनोखा गर्मी से राहत पाने का तरीका अपनाया गया।
फास्ट फूड और बर्गर प्रेमियों के लिए पेइचिंग के पश्चिमी हिस्से में स्थित शचिंगशान जिले में हाल में एक हैमबर्गर फेस्टिवल का आयोजन हुआ।
किसी भी देश की असली ताकत सिर्फ उसकी सेना या जीडीपी में नहीं छिपी होती। उसकी ताकत इस बात में भी होती है कि वह अपने उत्पादों को कितनी तेजी और कितनी आसानी से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचा सकता है। पश्चिमी चीन के छिंगहाई प्रांत की राजधानी शीनिंग में बना श्वांगचाई लॉजिस्टिक्स सेंटर (SHUANGZHAI LOGISTICS CENTER) इसी बदलाव की कहानी बयां करता है। यह सिर्फ एक माल ढुलाई केंद्र नहीं, बल्कि पश्चिमी चीन को वैश्विक व्यापार से जोड़ने वाला एक अहम प्रवेश द्वार बन चुका है। आखिर इस लॉजिस्टिक्स सेंटर ने पश्चिमी चीन की तस्वीर कैसे बदली? इसकी सफलता के पीछे क्या राज है? पूरी कहानी जानिए इस वीडियो में….
छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे के पूर्ण संचालन की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर, चाइना मीडिया ग्रुप(सीएमजी) नेपाली एंकर और एक तिब्बती फैशन ब्लॉगर ने साथ मिलकर शिनिंग से यात्रा शुरू की। उन्होंने छिंगहाई झील, होह शील और तांगगुला दर्रे से होते हुए बर्फीले पहाड़ों के इस स्वर्ग मार्ग पर दक्षिण की ओर यात्रा करते हुए ल्हासा पहुंचे।
पश्चिम बंगाल प्रदेश में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के पॉलिटिकल ब्यूरो सदस्य एवं सचिव मो. सलीम(Md. Salim)ने इस अवसर पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी जनता को गर्मजोशी से बधाई दी है। सलीम ने कहा कि जटिल वैश्विक स्थिति में भी सीपीसी का नेतृत्व चीन के विकास, पार्टी के आत्म-संशोधन और नवाचार में जो प्रगति कर रहा है, विशेषकर वर्तमान में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में पार्टी की अग्रगामी दृष्टि और जन-केंद्रित कार्यप्रणाली विश्व के सभी कम्युनिस्टों के लिए प्रेरणा और सीखने का विषय है।
छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे दुनिया की सबसे ऊंचाई पर चलने वाली रेलवे है, जिसने सिर्फ पहाड़ों को नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी को भी जोड़ा। 1 जुलाई, 2006 को शुरू हुई छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे अपने फुल ऑपरेशन के 20 साल पूरे कर रही है। आइए इस वीडियो में जानते हैं कि कैसे इस ऐतिहासिक रेलवे ने इंजीनियरिंग, कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन की नई कहानी लिखी....
चौथा चीन अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला प्रदर्शनी (CISCE) इन दिनों राजधानी पेइचिंग में आयोजित की जा रही है। इस वर्ष की प्रदर्शनी में 85 देशों और क्षेत्रों से 1,200 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के दौरान 160 से ज्यादा नई प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का पहली बार अनावरण और प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण पहली बार स्थापित किया गया विशेष AI क्षेत्र है। इस क्षेत्र में चीन और विदेशों की 228 अग्रणी AI कंपनियां भाग ले रही हैं। यहां स्मार्ट चिप्स, बड़े भाषा मॉडल, ह्यूमनॉइड रोबोट और अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
चीन की राजधानी पेइचिंग में भारतीय दूतावास ने बड़े ही शानदार तरीके से 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। इस बार की थीम थी "योग फॉर हेल्दी एजिंग" (यानी बढ़ती उम्र में भी फिट और एक्टिव रहने का मंत्र)।
चीन के शनचन शहर के ल्येनहुआशान पार्क में एक विशाल बरगद का पेड़ शान से खड़ा है, जिसकी शाखाएँ और पत्तियाँ हरी-भरी हैं। इस पेड़ को स्वयं चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2012 में क्वांगतोंग प्रांत के अपने निरीक्षण दौरे के दौरान लगाया था।