चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ 27 अगस्त की दोपहर शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के चिलोंग काउंटी स्थित चिलोंग कस्बे के विनाशकारी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
चीलोंग कीचड़ और मलबे के भूस्खलन की आपदा राहत मुख्यालय ने गुरुवार सुबह दक्षिण पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिकाज़े शहर के चीलोंग ज़िले में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया। राहत मुख्यालय के प्रथम कमांडर, शिकाज़े नगर पार्टी समिति के उप सचिव और कार्यवाहक मेयर नोर्बु त्सेरिंग ने बताया कि बुधवार सुबह नेपाल की ओर से आए कीचड़ और मलबे के भूस्खलन के कारण शिकाज़े के चीलोंग ज़िले के चीलोंग बंदरगाह में भारी जनहानि हुई और कई लोग लापता हो गए। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 8 बजे तक रेस्वो गांव के 2 निवासियों को बचा लिया गया है, जबकि 3 शव बरामद किए गए हैं और 558 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
26 अगस्त को सुबह करीब 10:30 बजे नेपाल की तरफ से आई भूस्खलन आपदा की वजह से शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिकाज़े शहर के चीलोंग जिले में चीलोंग बंदरगाह पर बड़े पैमाने पर जनहानि हुई और कई लोग लापता हो गए।
"कौशल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है" विषय पर आधारित शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की छठी विकलांग व्यावसायिक कौशल प्रतियोगिता और 8वीं राष्ट्रीय विकलांग व्यावसायिक कौशल प्रतियोगिता के लिए चयन परीक्षा 25 अगस्त को ल्हासा में शुरू हुई।
23 अगस्त की सुबह 2026 ल्हासा हाफ मैराथन की शुरुआत हुई। इस दौरान चीन के विभिन्न हिस्सों से आए 4,000 धावक ल्हासा में एकत्र हुए और इस अनोखी हिमालयी दौड़ में हिस्सा लिया। पोटाला पैलेस सेंट्रल लूप, ऊंचाई वाले शहरी ट्रैक और स्थानीय जातीय विशेषताओं से जुड़ी सुविधाओं जैसी आयोजन की खास खूबियों के आधार पर इस इवेंट ने "सबसे अधिक ऊंचाई पर आयोजित बड़े पैमाने के हाफ मैराथन" के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए सफलतापूर्वक चुनौती पेश की।
'शीत्सांग परिदृश्य: नया युग, नया विकास' कहानी साझाकरण कार्यक्रम बुधवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) के वरिष्ठ सदस्य और मानवाधिकार अनुसंधान सोसायटी के उपाध्यक्ष च्यांग च्यानक्वो, नेपाल के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तपबहादुर मगर, नेपाल में चीनी राजदूत चांग माओमिंग तथा चीन और नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 300 से अधिक लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए च्यांग च्यानक्वो ने कहा कि इस वर्ष शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की शांतिपूर्ण मुक्ति की 75वीं वर्षगांठ है। पिछले 75 वर्षों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी सरकार ने शीत्सांग में जीवन और विकास के अधिकार को मौलिक मानवाधिकार के रूप में प्राथमिकता दी है। साथ ही, मानव के स्वतंत्र और व्यापक विकास को सर्वोच्च मूल्य माना गया है। उनके अनुसार, शीत्सांग में हुए बदलाव नए युग में चीन के मानवाधिकार कार्यों की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति हैं।
इन दिनों शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा में शोटन महोत्सव की रौनक देखने को मिल रही है। यह तिब्बती लोगों का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार है, जो तिब्बती पंचांग के सातवें महीने के पहले दिन मनाया जाता है।
14 से 19 अगस्त तक अमेरिका के ओरेगॉन राज्य से आए 22 सदस्यीय कलात्मक जिमनास्टिक और नृत्य अकादमी के प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने शीत्सांग के कलाकारों, खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों के साथ सांस्कृतिक आदान प्रदान किया। साथ ही, उन्होंने पोटाला पैलेस, जोखांग मठ और शीत्सांग विश्वविद्यालय का भी दौरा किया।
14वें शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश खेल यानी छठे जातीय पारंपरिक खेल खेलों का उद्घाटन 15 अगस्त को दोपहर के बाद शिगात्से शहर में हुआ।
12 अगस्त को शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की सरकार के सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित न्यूज ब्रीफिंग में स्वायत्त प्रदेश में जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाले कानून के अध्ययन, प्रचार और कार्यान्वयन और सम्बंधित जातीय कार्यों की स्थिति का परिचय दिया गया।
गर्मियों में, शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर के सांगचुज़ी जिले के डोंगका टाउनशिप में स्थित छुक्वेई गाँव हरी-भरी हरियाली से भरा रहता है और वहाँ हल्की-हल्की हवा चलती रहती है। तिब्बती भाषा में "लिंगखा" का अर्थ "बगीचा" होता है, और लिंगखा का भ्रमण करना स्थानीय लोगों के लिए एक लोकप्रिय मनोरंजक गतिविधि है, जिसमें सैर और पिकनिक शामिल हैं।
विश्वविख्यात पोटाला महल शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा में स्थित है। हाल के वर्षों में, ल्हासा ने अपने सांस्कृतिक और पर्यटन बुनियादी ढांचे में लगातार सुधार किया है, जिससे पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पोटाला महल के पास कई दर्शनीय और फोटोग्राफी स्थल बनाए गए हैं, जैसे ल्हासा पैराडाइज ग्रासलैंड दर्शनीय क्षेत्र, ल्हासा नानशान पार्क, लालू आर्द्रभूमि राष्ट्रीय प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र आदि, जहां पर्यटक इस महान महल की सुन्दर तस्वीर ले सकते हैं।