
20 अक्टूबर को, पश्चिमी चीन के छिंगहाई प्रांत की राजधानी शिनिंग के हुआंगयुआन काउंटी में, कढ़ाई करने वालों ने चमड़े पर थांग-तिब्बत प्राचीन मार्ग के पैटर्न की कढ़ाई की। डांगर चमड़े की कढ़ाई एक लोक हस्तकला है जो पारंपरिक विधियों का उपयोग करके गाय और भेड़ जैसे जानवरों की खाल पर बनाई जाती है। इसमें विभिन्न रंगों के रेशमी धागे, ऊन, घोड़े के बाल, चमड़े की रस्सियाँ और अन्य सामग्री का उपयोग किया जाता है, और इसमें सपाट कढ़ाई, मिश्रित सिलाई कढ़ाई, सोने के धागे की कढ़ाई, लॉक सिलाई कढ़ाई आदि विभिन्न सिलाई तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। इन कृतियों में अक्सर पठारी क्षेत्रों के पशु और परिदृश्य चित्रित होते हैं, जिनमें सादगी और कोमलता का अनूठा संगम देखने को मिलता है। आज, स्थानीय कढ़ाईकार पारंपरिक शिल्प कौशल को कायम रखे हुए हैं, जबकि युवा उत्तराधिकारी उत्पाद डिजाइनों में नवाचार कर रहे हैं, और यह हजार साल पुराना कौशल ग्रामीण सांस्कृतिक पर्यटन के विकास को सशक्त बना रहा है।