नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को जब ब्रिक्स देशों के नेता 18वें शिखर सम्मेलन के लिए जुटेंगे, तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होगा कि पिछले 20 वर्षों में यह समूह कितना बड़ा हो गया है।
दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सबसे अहम समूहों में शामिल BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन इस बार भारत में होगा।
जब चीन और नेपाल के लोग, और दुनिया भर के नेक इरादे वाले लोग राहत कार्यों में जुटे थे, उसी समय हिमालय की दूसरी तरफ,हमारा पड़ोसी भारत के कुछ मीडिया और तथाकथित "रणनीतिक विश्लेषक" एक प्राकृतिक आपदा को ज़बरदस्ती "मानव निर्मित संकट" बताने में लगे थे, और "चीन" शब्द को ज़बरदस्ती इस त्रासदी की स्क्रिप्ट में लिखने में व्यस्त थे।
चीन की राजधानी पेइचिंग में 9 सितंबर को जब चीन अंतरराष्ट्रीय सेवा व्यापार मेला यानी CIFTIS शुरू होगा, तो शौकांग पार्क में पांच दिनों तक होने वाला यह आयोजन दुनिया को चीन की अर्थव्यवस्था का एक ऐसा चेहरा दिखाएगा जो पारंपरिक “Made in China” की पहचान से कहीं आगे जाता है।
9 से 13 सितंबर 2026 तक राजधानी पेइचिंग में स्थित शौकांग औद्योगिक पार्क में आयोजित होने वाला चीन अंतरराष्ट्रीय सेवा व्यापार मेला (CIFTIS) वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्णायक मोड़ पर आ रहा है।
चीन का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सेवा व्यापार आयोजन 2026 चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार सेवा मेला (CIFTIS) 9 से 13 सितंबर तक पेइचिंग के शौगांग पार्क में आयोजित किया जाएगा।
3 सितंबर, 2026 को चीनी जनता जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीनी जन प्रतिरोध युद्ध और विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध की विजय की 81वीं वर्षगांठ मनाएगी।
इस गर्मी में वैश्विक जनमत में एक शांत लेकिन गहरा बदलाव आ रहा है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितता के बीच चीन स्थिरता, अवसर और सच्चे आतिथ्य का केंद्र बनकर उभरा है।
हाल के समय में चीन के ‘नए प्रोडक्ट’यानी रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इनोवेटिव ड्रग्स की विदेशों में मांग बढ़ी है और ये उत्पाद वहां लोकप्रिय हो रहे हैं।
चीन के विकास को करीब से देखने और एक पत्रकार के रूप में उसके बदलते औद्योगिक परिदृश्य को समझने पर एक बात स्पष्ट दिखाई देती है—चीन की वैश्विक पहचान अब केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाले देश की नहीं रह गई है।
भारत की राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक के कई मायने हैं।
19 अगस्त को चीनी पारंपरिक पंचांग के 7वें महीने का 7वां दिन है।