आजकल विदेशी व्यापार की बात हो तो सबसे पहले नाम आता है कैंटन फेयर का। चीन का ये सबसे पुराना और सबसे बड़ा ट्रेड फेयर दुनिया भर के बिजनेसमैन को एक जगह लाता है। अब 139वीं कैंटन फेयर शुरू हो चुकी है
आजकल जब भी हम शॉपिंग की बात करते हैं तो दिमाग में नई-नई चीजें घूमने लगती हैं.चाहे वो स्मार्ट गैजेट्स हों, लग्जरी प्रोडक्ट्स हों या फिर हेल्थ और वेलनेस की चीजें। ठीक उसी समय चीन ने एक बड़ा इवेंट शुरू किया है जो पूरी दुनिया को अपनी तरफ खींच रहा है।
अप्रैल के महीने में पेइचिंग वसंत के रंगों में रंगा हुआ है। 16वां पेइचिंग अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और पहला चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) फिल्म संस्कृति कार्निवल एक साथ आयोजित किए गए।
हाईनान एक्सपो कई मायनों में खास रहा। यह चीन की “15वीं पंचवर्षीय योजना” (2026–2030) की शुरुआत के वर्ष की पहली बड़ी प्रदर्शनी है और साथ ही हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह के पूरी तरह चालू होने के बाद आयोजित पहला प्रमुख आयोजन भी है।
आजकल अर्थव्यवस्था की खबरें सुनते ही मन थोड़ा उलझ जाता है, लेकिन चीन की नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने 16 अप्रैल 2026 को पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2026 तक का पूरा आंकड़ा जारी किया है।
संघर्ष, महामारी और जलवायु संकट से जूझती दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि का एकमात्र मार्ग सुशासन है।
13 अप्रैल 2026 तक, छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे के माध्यम से शीत्सांग में आने और वहां से बाहर जाने वाले माल की कुल मात्रा 10 करोड़ टन से अधिक हो गई है।
चीन के सबसे बड़े और पुराने व्यापार मेले—139वें चीन आयात एवं निर्यात मेले (कैंटन फेयर) का आयोजन 15 अप्रैल से 5 मई तक क्वांगच्यो शहर में किया जाएगा।
वैश्विक व्यापार और उपभोक्ता बाजार को नई दिशा देने वाला 6वां चाइना इंटरनेशनल कंज्यूमर प्रोडक्ट्स एक्सपो चीन के हाईनान प्रांत की राजधानी हैकोउ में आज यानी 13 अप्रैल से 18 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है।
28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इज़राइल द्वारा स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र ईरान पर एक बड़े और समन्वित सैन्य हमले के बाद से 6 हफ़्तों से ज़्यादा का समय बीत चुका है।
मध्य पूर्व एक बार फिर गहरे तनाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती टकराहट, क्षेत्रीय संघर्षों के फैलने का खतरा, और कई देशों की प्रत्यक्ष या परोक्ष भागीदारी ने स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
शीत्सांग को दुनिया की छत कहा जाता है पिछले कुछ सालों में तेजी से बदल रहा है। यहां की ऊंची पहाड़ियां, नीले आसमान और शांत मठ अब सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि आर्थिक तरक्की और लोगों की बेहतर जिंदगी का प्रतीक भी बन गए हैं।