मानव इतिहास में गरीबी उन्मूलन हमेशा से सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रही है।
दुनिया की छत कहे जाने वाले हिमालय की गोद में बसा शीत्सांग, 23 मई को अपने शांतिपूर्ण मुक्ति की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है।
मानव अंतरिक्ष उड़ान आज भी दुनिया की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण तकनीकों में से एक है। इसके लिए सटीक इंजीनियरिंग, अत्याधुनिक विज्ञान और मज़बूत राष्ट्रीय इच्छाशक्ति तीनों की दरकार होती है।
इतिहास की गलियां अक्सर उन राष्ट्रों को क्षमा नहीं करतीं जो अपने अतीत के काले पन्नों से सीख लेने के बजाय, उन्हें फिर से दोहराने का दुस्साहस करते हैं।
इस सोमवार को शनचो-23 मिशन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि चीन का मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम न केवल तकनीकी रूप से परिपक्व हो चुका है, बल्कि अब वह वैश्विक सहभागिता और वैज्ञानिक उत्कृष्टता के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। थ्येनकोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर शनचो-21 और शनचो-23 के चालक दलों की मुलाकात, आठवीं “स्पेस फ़ैमिली फ़ोटो” और हांगकांग की पहली पेलोड विशेषज्ञ ली च्यायिंग की मौजूदगी केवल औपचारिकताएं नहीं हैं, बल्कि वे उस खुलेपन और विविधता के प्रतीक हैं, जिसे चीन अपने अंतरिक्ष अभियानों में शामिल कर रहा है।
आजकल मध्य पूर्व में जो संघर्ष चल रहा है वो सिर्फ वहां की समस्या नहीं है। ये पूरी दुनिया को दिखा रहा है कि चीन का विकास मॉडल कितना मजबूत और सुरक्षित है जबकि मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ रही है।तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं।
विगत पचहत्तर वर्षों में चीन सरकार ने शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के विकास में भारी खर्च किया है।
यह महीना दुनिया के 53 देशों के लिए एक नई खुशखबरी लेकर आया। जहां एक तरफ दुनिया में उथल पुथल मची है वहीं चीन ने एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया।
बचपन में, जब मैं प्राइमरी स्कूल की तीसरी कक्षा में पढ़ता था, तब एक दिन मैंने अपनी इतिहास की किताब में चीनी धर्माचार्य ह्वेनसांग और उनके तीन शिष्यों की भारत यात्रा की कहानी पढ़ी थी।
जब समय की अनंत धारा करवट लेती है, तो इतिहास के पन्नों पर कुछ ऐसी इबारतें अंकित की जाती हैं जो आने वाली कई सदियों का भाग्य और वैश्विक सभ्यताओं की दिशा निर्धारित करती हैं।
ट्रंप का चीन का दौरा किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का दस साल बाद हुआ दौरा है।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 19-20 मई को पेइचिंग की राजकीय यात्रा पर आ रहे हैं।